टूंडला। मृतक छात्र अंशुल के पिता सूरजपाल ने बताया कि अंशुल पढ़ने में काफी होशियार था। वह शुरू से ही डाक्टर बनना चाहता था। उसने नीट की तैयारी की थी। वह चाहता था कि खुद तो डाक्टर बने ही साथ ही छोटा भाई अनुज भी डाक्टर बने।
बेटे की मौत के बाद रुधे गले से पिता ने बताया कि दोनों भाई आगरा में किराए का कमरा लेकर रहते थे और एक निजी अस्पताल में पार्ट टाइम जॉब कर रहे थे। आरोप लगाया है कि पुत्र के साथ पढ़ने वाले टूंडला निवासी संदीप शुक्ला पर करीब आठ लाख रुपये उधार थे। वह लंबे समय से रुपये वापस करने की मांग कर रहा था। सोमवार को रुपयों को लेकर दोनों के बीच कहासुनी भी हुई थी। मंगलवार दोपहर करीब 11 बजे वह आगरा से टूंडला संदीप के थाना पचोखरा क्षेत्र के गांव प्रतापपुर के समीप बन रहे कालेज में रुपये लेने पहुंचा। तभी उसे इंजेक्शन से जहर देकर हत्या कर दी गई।
तीन के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज
थाना पचोखरा प्रभारी संजुल पांडेय ने बताया कि पिता सूरजपाल यादव की तहरीर पर संदीप शुक्ला, उसके भाई पीयूष शुक्ला व पिता प्रताप नारायण शुक्ला निवासी एटा रोड, टूंडला के विरुद्ध हत्या का अभियोग दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही हैं।
चार छात्रों ने भी लगाए आरोप
मृतक अंशुल के साथी अंकुश सोलंकी की मानें तो संदीप शुक्ला पर अंशुल के ही नहीं उस सहित चार और साथियों के रुपए हैं। संदीप ने उन सभी से 55-55 हजार रुपये उधार लिए थे। जिन्हें वह वापस नहीं कर रहा। रुपए मांगने पर टालमटोल करता आ रहा है। गत सोमवार को वह रुपये लेने अंशुल के साथ टूंडला आए थे, लेकिन रुपये नहीं मिले।
फेल हुए छात्रों ने तो नहीं दिए थे रुपए
आरबी आयुर्वेदिक कालेज के जिन छात्रों ने संदीप को रुपये दिए हैं। उन्होंने बताया कि करीब 10 से 12 छात्रों ने संदीप को रुपये दिए हैं। रुपये देने वाले सभी छात्र ऐसे हैं, जो फेल हुए हैं। इससे माना जा रहा है कि करीब पांच से छह लाख रुपये उन्होंने संदीप को पास कराने के लिए दिए थे। यह पैसा अंशुल के माध्यम से गया था। इसके चलते सभी अंशुल पर दबाव बनाते थे।