अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई का वांछित अपराधी रत्नेश भूटानी आगरा में छिपा था। मेरठ एसटीएफ ने शुक्रवार को संजय प्लेस स्थित केनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के पास से उसे गिरफ्तार किया। वह अमेरिका के कैलिफोर्निया में बच्ची से दुष्कर्म के मामले में वांछित था। आरोपी मेरठ में कंकरखेड़ा बाईपास स्थित अमनताश होटल का मालिक है। उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया था। शनिवार को एसटीएफ ने उसे पटियाला कोर्ट में पेश किया। उसे तिहाड़ जेल में भेज दिया गया है।
एसटीएफ की पूछताछ में भूटानी ने बताया कि कैलिफोर्निया में उसके चाचा रहते हैं। वह 1996-97 में कैंसर लैब में काम करने अमेरिका गया था। वर्ष 2001 में अमेरिका में एक विस्फोट होने के बाद बाहरी नागरिकों का सत्यापन होने लगा था। इसके चलते उसने अमेरिका की एक युवती से शादी कर वहां की नागरिकता ले ली थी। वर्ष 2006 में कैलिफोर्निया में बच्ची से दुष्कर्म का आरोप उस पर लगा। वर्ष 2007 में वह लंदन के रास्ते से मुंबई में आकर अपने भाई ऋषि भूटानी के साथ फिल्म उद्योग में काम करने लगा। उसने केशव फिल्म्स के नाम से फिल्म प्रोड्यूसिंग कंपनी बनाई। भाई ऋषि को ‘बोलो राम’ फिल्म बनाकर लॉन्च किया। वर्ष 2014 में अमेरिका में दर्ज मामला भारत में आने से भूटानी मुंबई से मेरठ आ गया। वह मेरठ के अलावा गुरुग्राम और आगरा में भी रहा। पहचान छुपाने के लिए दाढ़ी बढ़ा ली थी। यहां कंकरखेड़ा बाईपास पर अमनताश होटल और रिसॉर्ट का संचालन शुरू किया। कुछ साल बाद उसे साहिबाबाद, दिल्ली निवासी सभरवाल को लीज पर दे दिया। लॉकडाउन में रुपये नहीं देने की वजह से विवाद हो गया था।
एसटीएफ के अनुसार अमेरिका की टॉप-10 की सूची में 9वां नाम भूटानी का था। इंटरपोल के जरिए पत्राचार के बाद यूपी के डीजीपी और सीबीआई ने भूटानी के बांछित होने की जानकारी प्रदेश के अधिकारियों को दी। एसपी एसटीएफ मेरठ कुलदीप नारायण सिंह ने कहा कि प्रत्यर्पण की कार्रवाई पटियाला कोर्ट से पूरी कराई जाएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि भूटानी अपने एक रिश्तेदार के यहां साकेत सिविल लाइन में भी लंबे समय रहा। वह कई अधिकारियों और कई नेताओं के संपर्क में भी था। दो साल पहले ही कंकरखेड़ा पुलिस ने जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप में उसे पकड़ा था, लेकिन कुछ नेताओं के दबाव में उसे छोड़ दिया गया था।