कोसीकलां में साढ़े तीन वर्षो से क्षतिग्रस्त रत्नागर सरोवर की दीवार। संवाद
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कोसीकलां। विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च का दावा करने वाली नगर पालिका परिषद पिछले करीब साढ़े तीन वर्ष से टूटी पड़ी रत्नागर सरोवर की दीवार का निर्माण तो दूर मरम्मत भी नहीं करा सकी है। साढ़े तीन वर्ष में सरोवर की दीवार 40 फीट तक ढह गई है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से सुधार के लिए गुहार लगाई, कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
नगर पालिका परिषद की पहल पर पांच-छह वर्ष पूर्व सिंचाई विभाग ने प्राचीन रत्नागर सागर का सुंदीकरण कराया था। सुंदीकरण के दो वर्ष बाद तेज बारिश से दीवार का करीब तीन फीट हिस्सा सरोवर में गिर गया। देखरेख के अभाव में पिछले करीब तीन वर्ष में करीब 40 फीट दीवार सरोवर में समा चुकी है। इसकी चपेट में आकर लाखों रुपये की लागत से दीवार के पास बनाया गया बाथरूम भी जर्जर हो चुका है। बाथरूम से निकला गंदा पानी सरोवर में जा रहा है।
इसके चलते ब्रज चौरासी कोस यात्रा में आने वाले यात्री सरोवर में आचमन करने में कतराते हैं। क्षेत्र के विजय शर्मा, बांके लाल, जय सिंह, हरी सिंह, राजू पंडित, गणेश, घनश्याम, राजकुमार शर्मा ने डीएम को पत्र भेजकर दीवार को सही कराने की मांग की है। इस संबंध में ईओ पूर्णिमा दुबे ने कहा कि सरोवर की दीवार क्षतिग्रस्त होने का मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही दीवार का निरीक्षण कर सही कराया जाएगा।