मैनपुरी। करहल उप चुनाव की बिसात बिछ चुकी है, लेकिन भाजपा ने अपनी चाल अब तक नहीं चली है। सपा ने सबसे पहले ही तेजप्रताप यादव को प्रत्याशी बनाकर अपना पासा फेंक दिया था। वहीं अधिसूचना जारी होने के साथ बसपा ने भी शाक्य प्रत्याशी के रूप में अपना दाव खेला। ऐसे में अब लोगों को भाजपा की बाजी का इंतजार है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद करहल विधानसभा सीट खाली हो गई थी। इस पर उप चुनाव की घोषणा भी हो चुकी है। चुनावी बिसात पर इस बार भाजपा के सामने हार का सूखा खत्म करने की चुनौती है तो वहीं सपा के लिए अपनी बादशाहत कायम रखने की। ऐसे में बसपा ने प्रत्याशी उतारकर दोनों की ही रहा मुश्किल कर दी है। सपा ने सबसे पहले तेजप्रताप यादव को उतारकर अपनी चाल चल दी थी। इसी बीच बसपा ने भी अवनीश शाक्य को प्रत्याशी बनाया।
लेकिन अब तक भाजपा में मंथन जारी है। सूत्रों के अनुसार भाजपा इस बार करहल की चुनावी बिसात पर यादव या शाक्य प्रत्याशी की ही चाल चलने की तैयारी में है। लोगों को भाजपा की चाल का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि इसके बाद ही सियासी गलियों में हलचल तेज होगी।
पूर्व सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि का नाम चर्चा में
भाजपा ने करहल सीट से प्रत्याशी के लिए तीन नामों का पैनल बनाकर भेजा है। इसमें शाक्य, यादव और बघेल समाज के प्रत्याशियों को शामिल किया गया है। सूत्रों का दावा है कि मैनपुरी से पूर्व में चुनाव लड़ चुकीं पूर्व महिला सांसद और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि का नाम शामिल है। मैनपुरी में यादव और शाक्य जाति की बहुलता है, ऐसे में भाजपा इन प्रत्याशियों पर ही विचार कर रही है। हालांकि भाजपा के पदाधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
जल्द ही भाजपा अपना प्रत्याशी घोषित कर देगी। करहल में प्रत्याशी नहीं कमल का निशान ही चुनाव लड़ेगा। जल्द ही प्रत्याशी का नाम भी सामने आ जाएगा। इस बार करहल में कमल खिलेगा। - आलोक गुप्ता, बृज क्षेत्र उपाध्यक्ष