इससे वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेगा। अगर किसी भी मतदाता की पहचान में कोई संशय है तो अभिकर्ता को स्याही लगाने से पहले ही आपत्ति दर्ज करानी होगी। आपत्ति दर्ज होने के बाद पीठासीन ऐसे मतदाता को अपने पास निर्णय के लिए ले लेगा। वहीं आगे मतदान जारी रहने दिया जाएगा।
फर्जी पड़ा है वोट तो भी देना होगा दूसरा मतपत्र
अगर काई मतदाता बूथ पर मतदान के लिए पहुंचता है और उसका वोट पहले ही डाला जा चुका है तो भी उसे मतपत्र उपलब्ध कराना होगा। इससे पूर्व पीठासीन अधिकारी संबंधित मतदाता की अंगुली पर स्याही का निशान चेक करने के साथ ही उससे पहचान के संबंध में सवाल-जवाब कर सकता है। लेकिन हर हाल में उसे मतपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि इन मतपत्रों को पेटी में न डालकर अलग लिफाफे में रखा जाएगा।
सीडीओ/उप जिला निर्वाचन अधिकारी ईशा प्रिया ने बताया कि सभी पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षण में चुनाव आयोग के निर्देशों के बारे में बताया जा चुका है। साथ ही उन्हें निर्देश पुस्तिका भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अनुसार ही वे मतदान के दौरान निर्णय लेंगे।