मैनपुरी। हर तहसील में अब विरासत रजिस्टर बनाया जाएगा। इसमें क्षेत्र के विवादित और अविवादित मामले दर्ज किए जाएंगे। विरासत रजिस्टर में तहसील क्षेत्र के सभी मामले अंकित होंगे। शासन के निर्देश के बाद लोगों को सुविधा देने के लिए कवायद की गई है।
विरासत के मामलों में पीड़ितों द्वारा तहसीलों के चक्कर लगाने की शिकायतें मिलने पर शासन ने विरासत के मामलों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं। इसमें अविवादित विरासत के मामले में वारिसान का नाम दर्ज किए जाने का समय भी अंकित किया जाएगा। जबकि विवादित मामले में विवाद का स्पष्ट कारण विरासत रजिस्टर में लिखा जाएगा।
एक सीट पर मिलेगी जानकारी
आम तौर पर तहसील में विरासत के मामलों की पत्रावलियों को सुनवाई के लिए अलग रख लिया जाता है। विरासत रजिस्टर बनने के बाद विरासत के मामलों का एक स्थान पर ही पीड़ितों को रिकार्ड मिलेगा। विरासत रजिस्टर से पीड़ितों को विरासत के मामले की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
विरासत के मामलों को सयम सीमा में निस्तारित करने के शासन के आदेश हैं। शासन की मंशा के अनुसार ही संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। अविवादित मामलों में तय समय सीमा में अभिलेखों में वारिसान का नाम समय सीमा में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। मनोज कुमार राय, तहसीलदार सदर