फतेहाबाद। गांव कसियाई में लापता हुए 12 वर्षीय बालक धीरज की हत्या 30 साल पुरानी रंजिश में होने की आशंका ग्रामीण जता रहे हैं। हालांकि अभी परिजन और पुलिस कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। सीओ फतेहाबाद सौरभ सिंह ने बताया कि पुलिस हत्या की वजह तलाशने के लिए रंजिश समेत अन्य बिंदुओं पर काम कर रही है।
बालक की हत्या के बाद मौके पर गांव वालों की भीड़ जुट गई थी। परिवार से जुड़े लोगों का कहना था कि धीरज के परदादा (पिता गयादीन के बाबा) रेवती प्रसाद ने गांव में 56 बीघा जमीन के लिए दो पक्षों में हुए विवाद के बाद एक पक्ष में गवाही दी थी। हत्या के पीछे लोग इस रंजिश की आशंका जता रहे हैं। हालांकि इस मामले में प्रभारी थानाध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया की जमीनी रंजिश का मामला प्रकाश में नहीं आया है। बालक के शव के पूरे हिस्से भी नहीं मिले हैं। उनकी तलाश की जा रही है। देर रात तक डॉग स्क्वैड और पुलिस की टीमें आसपास के बाजरा और चारे के खेतों में खोजबीन कर रही थीं।
गांव कसियाई में लापता बालक धीरज अपने पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। सबसे बड़ा भाई धर्मेंद्र (15), उसके बाद धीरज (12) था। बीच में दो बहनें रेनू और रोशनी हैं। सबसे छोटा भाई छोटू पांच साल का है। धीरज की मौत से परिवार सदमे में है। पिता किसान हैं। वह खेती से ही परिवार का भरण-पोषण करते हैं। शुक्रवार को धीरज के लापता होने से मां समेत पूरा परिवार परेशान था।