शिक्षा विभाग से थे ग्रामीण नाराज
शिक्षा विभाग का उपचार में सहयोग न मिलने पर बीते सोमवार से परिजन ग्रामीणों संग स्कूल पर ताला लगाकर धरने पर बैठे थे। रसोइया के भतीजे रामनरेश ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ग्रामीण और परिजन शिक्षक व शिक्षाधिकारियों के अस्पताल तक न पहुंचने पर नाराज थे। इसी के चलते तभी से परिजन स्कूल के बाहर धरने पर बैठे थे।
चंदा करके करा रहे थे रसोइया का उपचार
मृतक के परिजनों ने कहा कि शिक्षा विभाग आग से जली सिमरादेवी की सहायता के लिए आगे नहीं आया। ग्रामीण द्वारा दिए गए चंदे से उनका उपचार करा रहे थे।
प्रधानाध्यापिका को किया सस्पेंड, की पांच लाख की आर्थिक मदद
मृतका रसोइया के गांव पहुंचे बेसिक शिक्षाधिकारी अरविंद पाठक ने परिजनों को सांत्वना देते हुए प्रधानाध्यापिका रेनू यादव को सस्पेंड किए जाने का पत्र दिखाया। साथ ही अन्य शिक्षक, शिक्षिकाओं का स्थानांतरण कर दिया। उन्होंने शिक्षाविभाग की ओर से मृतक आश्रितों को पांच लाख रुपये का चेक दिया।
इतना ही नहीं रसोइया की बेटी को उसकी जगह नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। बीएसए पाठक ने बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से भी शासन स्तर से आर्थिक मदद के लिए लिखा है। इंडियन ऑयल से भी गैस सिलेंडर लीकेज का क्लेम किया है। शिक्षा विभाग रसोइया के साथ पूरी तरह खड़ा है।
शिक्षकों को दिलाया जाएगा आग बुझाने का प्रशिक्षण
बीएसए ने बताया कि कोविड के चलते आग बुझाने के यंत्रों का इस बार प्रशिक्षण नहीं हो सका था। इसके चलते स्कूल में आग बुझाने का यंत्र होने के बावजूद आग को बुझाया नहीं जा सका था। जल्द ही एफएसओ से मिलकर सभी शिक्षकों को पुन: आग बुझाने का प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। गैस चूल्हा, सिलिंडरों की जांच कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
टूंडला के उपजिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि रसोइया पर कुछ बीघा जमीन है। इसके चलते नियमानुसार किसान बीमा दुर्घटना के तहत मृतक आश्रितों को पांच लाख रुपया आर्थिक मदद के लिए शासन को लिखा है। इसमें जो भी संभव होगा वह आश्रितों को मदद दिलाई जाएगी।