वियतनाम के रक्षा मंत्री जेन फान वांग जियांग को रविवार को अवैध गाइड ने ताजमहल में घुमाया। प्रोटोकॉल में बड़ी चूक सामने आई है। पुलिस, प्रशासन और एएसआई अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वीआईपी को शू कवर-भी पुराने दिए गए। इसके अलावा प्रवेश के समय भी सुरक्षा कारणों से काफी देर उन्हें गेट के बाहर खड़ा रहना पड़ा।
वियतनाम के रक्षा मंत्री अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार सुबह 11 बजे ताजमहल भ्रमण के लिए आगरा आए। शिल्पग्राम से गोल्फ कार्ट से पूर्वी गेट पहुंचे। इस दौरान उनके साथ शाकिर कुरैशी नाम का गाइड था, जिसे विदेशी पर्यटकों को घुमाने की अनुमति नहीं है। शाकिर रक्षा मंत्री को लेकर ताजमहल पहुंचा। मुख्य गुंबद तक वीआईपी को लेकर गया। इस दौरान रक्षा मंत्री के साथ गाइड के फोटो व वीडियो वायरल हुए। वीआईपी के प्रोटोकॉल में लापरवाही सामने आने के बाद अफसर लीपापोती करते नजर आए।
ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि गाइड की जांच कराई जा रही है। एएसआई ने गाइड नहीं दिया। एडीएम प्रोटोकॉल हिमांशु गौतम का कहना है कि गाइड मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर व मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने ट्रैवल एजेंट के माध्यम से उपलब्ध कराया है। हमने सिर्फ मजिस्ट्रेट उपलब्ध कराया। एसडीएम ताज अभय सिंह का कहना है कि गाइड फर्जी है या असली इसका सत्यापन कराया जा रहा है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें - युवती को कर दिया बदनाम: मंगेतर के पास विदेशी नंबर से आया मैसेज, लिखा था कुछ ऐसा; टूट गया रिश्ता
अमेरिका सचिव के साथ भी हो चुकी चूक
- नवंबर 2022 में अमेरिका के सचिव को फर्जी गाइड अशद ने ताजमहल घुमाया था। फर्जी गाइड ने पर्यटन विभाग के स्टे गाइड का लाइसेंस पहन रखा था। जिस पर महानिदेशक की मुहर फर्जी थी। परंतु फर्जी गाइड के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
पर्यटक हो रहे धोखाधड़ी के शिकार
- फर्जी गाइड और लपकों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण रोज ताजमहल पर पर्यटक धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं। यूपी पर्यटन व एएसआई के बमुश्किल 400 एप्रूव्ड व लाइसेंस गाइड हैं। जबकि ताजमहल पर एक हजार से अधिक फर्जी गाइड घूमते हैं। जिनके संपर्क ट्रेवल एजेंट से हैं। जो वीआईपी से लेकर विदेशी पर्यटकों को फर्जी गाइड के हवाले कर धोखाधड़ी करते हैं।