जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि अंश गोयल और उनके भाई अनमोल ने कहा है कि उनसे किसी ने सिलिंडर नहीं छीना और न ही पुलिसकर्मी वीआईपी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर ले जा रहे थे। उपाध्याय अस्पताल के संचालक डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि अस्पताल में ऊषा गोयल को ऑक्सीजन व अन्य उपचार मुहैया कराया गया था, लेकिन अधिक गंभीर हालत होने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।
जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वायरल वीडियो के साथ प्रसारित सूचना पूरी तरह से गलत है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर जांच रिपोर्ट साझा करते हुए लिखा है कि किसी प्रकार की घटना के तथ्य/वीडियो को सोशल मीडिया पर लिखने से पहले दोनों पक्ष की वास्तविकता का जानना जरूरी होता है।