वृंदावन में चंपत राय ने संतों से की मुलाकात
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विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि न्यास के महासचिव चंपत राय ने दूसरे दिन भी वृंदावन प्रवास के दौरान संतों और धर्माचार्यों से मुलाकात की। कई जगह बैठक और सभाओं में चंपत राय ने अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर के संबंध में जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पहले भगवान श्रीराम को भव्य मंदिर में स्थापित करना है। इसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा। उन्होंने संत-महात्माओं से कहा कि वह अयोध्या आएं और निर्माणाधीन मंदिर को अवश्य देखें।
शनिवार को श्रीकृष्ण कृपा धाम में पत्रकारों से रूबरू होते हुए विहिप नेता ने राम मंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराते हुए कहा कि न्यास का लक्ष्य दिसंबर 2023 तक भगवान राम को भव्य मंदिर में स्थापित करना है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े सवालों पर कहा कि पहले पैर मजबूती से जमने के बाद दूसरा कदम उठाया जाएगा। उन्होंने काशी और मथुरा का नाम लेते हुए इतना जरूर कहा कि यह दोनों मुद्दे विहिप के एजेंडे में हैं। लोगों की भावनाओं की कद्र करते हुए इस ओर शीघ्र कदम बढ़ाया जाएगा।
चंपत राय ने कहा कि 28 वर्षों तक रामलला टेंट में विराजमान रहे। इसके बाद लकड़ी के मंदिर में विराजमान कराया गया। यह देश के साधु-संतों के आंदोलन का प्रभाव या असर है कि भगवान श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं।