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गीतकार गोपाल दास नीरज का दिल धड़कता रहा, फेफड़े जवाब दे गए

Thu, 19 Jul 2018 09:12 PM IST
चंद्रमोहन शर्मा, न्यूज डेस्क आगरा
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कवि गोपाल दास नीरज को आगरा से ले जाते वक्त की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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गीतों के राजकुमार गोपाल दास नीरज एक साल से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे थे। कभी न्योनिया हो जाता, तो कभी सांस लेने में तकलीफ। इसी संक्रमण ने उनके 94 साल के जीवन पर गुरुवार शाम विराम लगा दिया। 
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93 वर्ष के गोपाल दास मंगलवार को आगरा में बीमार पड़े थे। एक बार तबीयत कुछ ठीक हुई। दिल्ली स्थित एम्स पहुंचे तो फिर से बिगड़ गई और बिगड़ती ही चली गई।
 

आगरा के डॉक्टरों ने किया बहुत प्रयास


उनका दिल ठीक रहा, धड़कन सामान्य थी, लेकिन फेफड़े जवाब दे गए। इसी से ब्लड प्रेशर बहुत कम रह गया था। एक बार तो 35 पर ही आ गया था। आगरा के डॉक्टरों ने भी बहुत प्रयास किया था उनके फेफड़ों से संक्रमण को दूर करने का। 

दिल्ली के एम्स में भी डॉक्टर इसी कोशिश में जूझते रहे। संक्रमण दूर नहीं हुआ, सांसों की डोर टूट गई। आगरा में भी उनका उपचार एम्स के डाक्टरों की सलाह पर चल रहा था। उनकी मेडिकल रिपोर्ट एम्स को व्हाट्स ऐप पर भेजी जा रहीं थी।

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सीने में था संक्रमण

आगरा में उनका उपचार करने वाले डॉ. अरविंद जैन, डॉ. अनुपम शर्मा, डॉ. नीरज और डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि छाती में संक्रमण के साथ उन्हें निमोनिया भी था। फेफड़ों में पस पड़ गया था। इसे नली डालकर निकाला गया। उनकी बेटी कुंदनिका शर्मा ने दिल्ली से फोन पर बताया कि एम्स में पस निकालने के लिए दूसरी नली डाली गई लेकिन हालत बिगड़ती चली गई।

16 जून को भी बिगड़ी थी तबीयत

इससे पहले 16 जून को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। तब वो अलीगढ़ में थे। उन्हें निमोनिया हुआ था। काफी दिन उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिली। पिछले वर्ष तबीयत और ज्यादा खराब रही थी। तब 18 नवंबर को एम्स में भर्ती कराया गया था। 21 नवंबर को उनका प्रोस्टेट का ऑपरेशन हुआ था।

गोपालदास नीरज आगरा में बल्केश्वर में रहने वाली अपनी बेटी कुंदनिका शर्मा के घर आए हुए थे। मंगलवार सुबह नाश्ता किया था। इसके बाद कॉफी ली थी। तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। पहले आगरा में उपचार चला, फिर बुधवार शाम को एम्स ले जाया गया।
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