कवि गोपाल दास नीरज को आगरा से ले जाते वक्त की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
गीतों के राजकुमार गोपाल दास नीरज एक साल से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे थे। कभी न्योनिया हो जाता, तो कभी सांस लेने में तकलीफ। इसी संक्रमण ने उनके 94 साल के जीवन पर गुरुवार शाम विराम लगा दिया।
93 वर्ष के गोपाल दास मंगलवार को आगरा में बीमार पड़े थे। एक बार तबीयत कुछ ठीक हुई। दिल्ली स्थित एम्स पहुंचे तो फिर से बिगड़ गई और बिगड़ती ही चली गई।
आगरा के डॉक्टरों ने किया बहुत प्रयास
उनका दिल ठीक रहा, धड़कन सामान्य थी, लेकिन फेफड़े जवाब दे गए। इसी से ब्लड प्रेशर बहुत कम रह गया था। एक बार तो 35 पर ही आ गया था। आगरा के डॉक्टरों ने भी बहुत प्रयास किया था उनके फेफड़ों से संक्रमण को दूर करने का।
दिल्ली के एम्स में भी डॉक्टर इसी कोशिश में जूझते रहे। संक्रमण दूर नहीं हुआ, सांसों की डोर टूट गई। आगरा में भी उनका उपचार एम्स के डाक्टरों की सलाह पर चल रहा था। उनकी मेडिकल रिपोर्ट एम्स को व्हाट्स ऐप पर भेजी जा रहीं थी।