आगरा ताज ट्रेपेजियम प्राधिकरण की सोमवार को आयुक्त सभागार में बैठक हुई। बताया गया कि टीटीजेड में 60 हजार से ज्यादा वाहन बिना प्रदूषण की जांच के दौड़ रहे हैं। इस पर मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों को जब्त करें और एफआईआर कराएं। प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। कूड़ा जलाने वाले सफाईकर्मी और सामान्य लोगों पर भी जुर्माना लगाएं। कूड़े में लेदर व पेठा डालने वालों पर भी कार्रवाई करें।
मंडलायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी कूड़ा जलाए जाने पर कार्रवाई को सभी एसीएम व एसडीएम को निर्देशित किया। उन्होंने कोल/कोक के विक्रय को प्रतिबंधित करने के लिए नियमित जांच करने और पंजीकृत डिपो संचालकों के खरीद-बिक्री व स्टॉक की जांच कराने के लिए कहा। जीएसटी विभाग आगरा ने बताया कि जनपद में तीन कोल डिपो न्यायालय से स्टे लेकर गतिशील हैं, जिनमें दो खरीद फरोख्त करते हैं। कमिश्नर ने कहा कि रजिस्टर जांच कर यह देखा जाए कि कोल खरीदार कौन लोग हैं तथा कोल कहां इस्तेमाल किया जा रहा है। मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़ की भी सभी कोल व कोक दुकानों की जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए।
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प्लॉस्टिक, पॉलिथीन के निस्तारण, लघु उद्योग इकाइयों को गैस की उपलब्धता की समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों ने अपनी कार्रवाई का ब्योरा दिया। शहर में कूड़ा जलाने पर 7 एफआईआर निगम ने कराईं। शहर के वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और सुधार के लिए आईआईटी कानपुर से कराई जा रही स्टडी में सभी विभागों को सहयोग करने के निर्देश दिए।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-19, आगरा मेट्रो एवं शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर रोड डस्ट को हटाने एवं नियमित साफ-सफाई, मार्गों पर लगे पेड़-पौधों पर जल का नियमित छिड़काव कराने के निर्देश दिए। बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण, विभिन्न कार्यों के लिए पेड़ों के कटान के विषय में 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई।
इस दौरान डीएम नवनीत सिंह चहल, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल, एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़, डीएफओ आदर्श कुमार, अपर जिलाधिकारी (नगर) अनूप कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी विश्वनाथ शर्मा, उपायुक्त उद्योग अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।