सिक्स लेन इस एक्सप्रेस वे पर न तो कहीं रेड लाइट होगी और न ही चालकों को अपना वाहन रोकने की जरूरत पड़ेगी। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले इस एक्सप्रेसवे पर जोरशोर से काम चल रहा है। मगर, इससे अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कार्य में और तेजी लाने को कहा है ताकि अक्तूबर में इसका ट्रायल शुरू हो सके। नवंबर के आखिर या दिसंबर की शुरुआत में इसे हरी झंडी मिल सकती है।
प्रमुख सचिव सूचना एवं महानिदेशक पर्यटन नवनीत सहगल ने शुक्रवार सुबह लगभग दस बजे कार्य की प्रगति और गुणवत्ता देखी। वह लावलश्कर सहित इस निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर पहुंचे। यमुना पर बन रहे पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को अक्तूबर तक एक्सप्रेसवे के इस हिस्से को पूरा करने को निर्देशित किया। बता दें कि सपा सरकार चुनावी हलचल शुरू होने से पहले इस एक्सप्रेसवे को शुरू करना चाहती है। ताकि चुनाव में सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों के क्रम में इसे गिनाया जा सके। यही वजह है कि अधिकारियों का भी इस पर पूरा फोकस है। यह एक्सप्रेसवे इनररिंग रोड पर मिलेगा। यहां से यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से इसे लखनऊ से नोएडा के लिए कनेक्ट किया जाएगा। नवनीत सहगल ने इनररिंग रोड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी पंकज कुमार, उपनिदेशक पर्यटन दिनेश कुमार, यूपीडा के अधीक्षण अभियंता केसी जैन सहित आदि अधिकारी मौजूद थे। इसके बाद मुख्य सचिव ने अन्य अधिकारियों के साथ इनररिंग रोड, ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे, थीम पार्क का हवाई निरीक्षण किया।
एक नजर
302 किमी लंबा है ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे
15,000 करोड़ लागत है प्रोजेक्ट
3.30 घंटे में तय होगी यह दूरी
06 लेन है यह एक्सप्रेसवे, 08 लेन तक बढ़ाया जा सकता है
ये रहेगा रूट
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