शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती
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वृंदावन प्रवास पर आए शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि मुक्ति यज्ञ समिति, रामजन्म भूमि न्यास के प्रयास व हनुमानजी की कृपा से रामलला के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला आया है, वो सर्वमान्य है। इस फैसले को लेकर कुछ लोग परेशान हैं, वो भी शांत हो जाएंगे।
वासुदेवानंद सरस्वती चार दिन के वृंदावन प्रवास पर आए हैं। वो 27 नवंबर को प्रयाग के लिए रवाना होंगे। रविवार को अखंडानंद आश्रम में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि रामलला के पक्ष में फैसला आ जाने के बाद अब मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन करने वालों पर चल रहे मुकदमे भी समाप्त हो जाने चाहिए।
इस मामले में ओवैसी के विरोधी स्वर को लेकर उन्होंने कहा कि व्यक्ति विशेष को छोड़कर समाज इस फैसले के विरोध में नहीं है। जिसके स्वार्थ में प्रतिबंध होगा वह विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार जिसको ट्रस्ट में रखना चाहेगी उसे रखेगी। इसमें वो हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों के तराशने का 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। राम मंदिर को लेकर विहिप के बनाए मॉडल को लेकर मुकदमा चला, उसी को लेकर कोर्ट का फैसला आया है। उसी मॉडल के अनुसार राम मंदिर निर्माण होगा।