सोरोंजी। माघ द्वादशी पर भगवान वराह का मंदिर जयकारों से गूंज उठा। सुबह तीर्थनगरी पहुंचे श्रृद्धालुओं ने हरि की पौड़ी में गंगा स्नान कर गंगा की परिक्रमा की। इसके बाद मंदिर पहुंचकर भगवान वराह का भव्य अभिषेक किया।
भगवान वराह का पंचामृत से अभिषेक कर मेवा मिष्ठान का भोग लगाया गया। मंदिर सेवायत नरेश त्रिगुणायत ने वैदिक मंत्रों से अभिषेक संपन्न कराया। भगवान को नूतन पोशाक पहनाकर अलंकार धारण कराए गए। महाआरती उतारकर प्रसाद बांटा गया। रात्रि में क्षेत्राधीश भगवान वराह की महिमा का गुणगान किया गया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भगवान वराह के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर सुनील तिवारी, रामशिव मौर्य, ओमशिव मौर्या, शंभू गोस्वामी, हरिदास सोरों आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
शोभायात्रा निकालकर रामचरित मानस का पाठ प्रारंभ किया
सोरोंजी। रामचरित मानस की गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के बाद रघुनाथजी मंदिर में पूजन के बाद मानस शुरू हुआ। मुख्य यजमान नीतेश पटियात मानस ग्रंथ सिर पर रखकर चल रहे थे। शोभायात्रा में पीत वस्त्रधारी श्रद्धालु भजनों पर झूमते चल रहे थे। हरि की पौड़ी परिक्रमा मार्ग पर स्थित मंदिरों बालाजी दरबार, सोमेश्वर, मानस मंदिर, शनिदेव, श्याम वराह, गंगा माता, राधा कृष्ण, सिद्ध विनायक आदि में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा कथा स्थल रघुनाथजी मंदिर पहुंची जहां आचार्य राहुल वशिष्ठ ने मानस पाठ प्रारंभ कराया। इस दौरान पंडित सुरेश पटियात, दिनेश चंद्र पटियात, इंद्रेश, शिवकुमार, हरिओम, सतेंद्र, अमन बढ़गैयां, श्याम, अर्जुन, माधव, हर्षवर्धन, वेदांत, मीना देवी, अनीता, पूजा भी मौजूद थे।
बैंड बाजों के साथ निकली कलशयात्रा
गंजडुंडवारा। लखापुर में बुधवार दोपहर भागवत कथा से पहले कलशयात्रा निकाली गई। यात्रा कई गांवों से गुजरकर गंगा घाट कादरगंज पर पहुंची।भागवत आचार्य रामनिवास ने 51 कन्याओं के सिर पर कलश रखकर गंगाजल लाने के लिए प्रस्थान कराया। आगे बैंड बाजा पीछे यज्ञपति व अन्य श्रद्धालु चल रहे थे। इनके पीछे कन्याएं थीं। यात्रा नगला शेती, पंछी नगला, लालूपुर, गढीतरसी, नगला खनदारी, नेथरा के बाद कादरगंज गंगा घाट पर पहुंची। जल भरने के बाद कलश यात्रा पंडाल आई। इसके बाद कथावाचक ने भागवत का महत्व बताया। इस दौरान जगदीश, नेपाल, बाबा सूरदास, पान सिंह, रामविलास यादव, ओमपाल सिंह, नेत्रपाल पन्नालाल, विजय वीर सिंह, दलबीर सिंह, कप्तान सिंह आदि मौजूद रहे।