फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: कासगंज का वन खंडेश्वर महादेव मंदिर, जहां जमानत पर हैं भगवान शिव; बेहद दिलचस्प है इस शिवालय की कहानी

Mon, 21 Aug 2023 12:20 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

कासगंज के सोरोंजी के पास वन खंडेश्वर महादेव मंदिर को सिद्ध महादेव का मंदिर कहा जाता है। मान्यता है कि भक्तों की सारी मनौतियां पूर्ण होती हैं, लेकिन इस मंदिर की कहानी बेहद दिलचस्प है।
 
विज्ञापन
वन खंडेश्वर महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तीर्थ नगरी सोरोंजी के कण-कण में आस्था और श्रद्धा विद्यमान है।  जगह-जगह प्राचीन मंदिर स्थापित हैं और इन मंदिरों का अपना अलग ही महत्व है। तीर्थ नगरी में भागीरथी गुफा जो पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित है इस गुफा के पास ही स्थापित वनखंडेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर है। मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा अर्चना व अनुष्ठान करने वाले भक्तों की सारी मनौतियां पूर्ण होती हैं। वन खंडेश्वर महादेव की जमानत पर रिहा होने के बाद यहां पुनः स्थापना की गई है। यह मंदिर सदियों पुराना है। लोग कहते हैं यह शिवलिंग राजा भगीरथ के समय का है। इस शिवलिंग में एक चेहरे की आकृति बनी हुई है, जिसकी ऊंचाई करीब पांच फिट है। यहां यह उल्लेखनीय है कि इस मंदिर में लगभग 50 साल पहले चोरी हुई थी, चोर शिवलिंग को ही चुरा ले गए थे, फिर न्यायालय से जमानत मिलने पर वे रिहा हुए।

विज्ञापन

ये है कहानी

50 साल पहले 26 फरवरी 1973 को नौ चोर इस शिवलिंग को चुराकर अलीगढ़ के गए। इधर शिवलिंग की चोरी की सूचना गांव वालों ने सोरों कोतवाली में दी, पुलिस ने भगवान की चोरी का मामला दर्ज कर लिया। उधर चोर शिवलिंग की महिमा से बेखबर थे। भोले ने चोरों को दंड देना शुरू कर दिया, जिसके बाद एक-एक कर सारे चोर संक्रामक रोगों से घिरने लगे। कुछ की मौत हो गई। अपने साथियों की मौत होते देख एक चोर डर गया और उसने शिवलिंग को अलीगढ़ के पाली थाने की पुलिस को सुपुर्द कर दिया।
 

अलीगढ़ पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा 

अलीगढ़ पुलिस ने इस मामले में चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया। 22 मई 1993 को पाली मुकीमपुर में चोरों के विरुद्ध अपराध संख्या 59/1993 दर्ज हुआ। पुलिस ने भगवान को पाली थाने में ही प्रतिष्ठित कर दिया। 22 साल बाद भगवान की फिर से पूजा अर्चना होने लगी। किसी तरह सोरों के फरीदपुर तक यह खबर पहुंची कि 22 साल पहले जो शिवलिंग चोरी हुआ था वो पाली थाने में है। गांव वाले जब शिवलिंग को लेने पहुंचे तो पुलिस ने देने से इंकार कर दिया। 
 

छह साल तक कोर्ट में मामला चलने के बाद मिला शिवलिंग

शिवलिंग चोरी का मामला सोरों कोतवाली में भी दर्ज था और पाली थाने में दर्ज था। गांव वालों ने शिवलिंग पर अपना अधिकार जताया  और कोर्ट में दावा कर दिया। अलीगढ़ दीवानी में छह साल तक मामला चला। अंत में ग्रामीणों की पैरवी और भगवान भोलेनाथ की इच्छा से ये शिवलिंग अलीगढ़ पाली थाने से ग्रामीणों को सुपुर्द करने का आदेश कोर्ट ने दिया। इसके साथ कोर्ट ने शिवलिंग के एवज में आठ लाख रुपए की जमानत राशि मुकर्रर कर दी।
 
विज्ञापन

चंदा कर दी जमानत की राशि 

 ग्रामीणों ने चंदा कर रुपए एकत्रित करके कोर्ट में बतौर जमानत दिए। इसके बाद भगवान की एक बार फिर से वापसी हुई। वन खंडेश्वर मंदिर में विधि विधान से एक बार फिर प्रतिमा को स्थापित कर दिया गया और फिर से भोले के भक्तों का मंदिर में पूजन अभिषेक के लिए तांता लग रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें