आगरा शहर की सफाई व्यवस्था गुरुवार को पूरी तरह से ठप रही। ना सड़कों पर झाड़ू लगी, ना ही नालियों की सफाई हुई। 1250 से ज्यादा डस्टबिन और 450 डलाबघरों से कूड़ा उठाया नहीं गया। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए वर्कशॉप से एक भी गाड़ी बाहर नहीं निकली। शहर की सड़कों पर पूरे दिन कूड़ा बिखरा रहा। दो दिन का कूड़ा हो जाने के कारण शाम को सड़ांध आने लगी जिस वजह से लोगों को नाक पर रुमाल रखकर निकलना पड़ा। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे होने से संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।
हाथरस में वाल्मीकि युवती की मौत के मामले में आगरा नगर निगम के सभी सफाई कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। सुबह कर्मचारियों ने नगर निगम पहुंचकर पैदल मार्च निकाला। आउटसोर्सिंग के कुछ कर्मचारियों को सफाई के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने भी काम से इंकार कर दिया। जो कर्मचारी ऑफिस पहुंच गए उन्हें वाल्मीकि संगठनों और सफाई कर्मचारियों के संगठनों ने प्रदर्शन करके अपने साथ जोड़ लिया।
नगर निगम के अधिकारियों को संगठनों ने चेतावनी दे दी थी कि वह किसी भी कर्मचारी से काम ना कराएं। हंगामा और तड़का भड़की के हालात बनते देख सेनेटरी इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों ने काम बंद करा दिया। इससे शहर की सड़कों पर 750 मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा पड़ा रहा।
सुबह 9 बजे सेक्टर 4, आवास विकास कॉलोनी में सफाई कर्मचारी जब पहुंचे तो उन्हें वाल्मीकि समाज के संगठनों ने काम करने से रोक दिया। कर्मचारी सफाई करने लगे तो उनसे तड़का भड़की हो गई। मौके पर सेनेटरी इंस्पेक्टर पहुंचे तो उन्हें काम कराने से मना कर दिया गया। डलाबघर और डस्टबिन कूड़े से भरे रहे।
सुबह 9:30 बजे, कमला नगर के कर्मयोगी एन्क्लेव चौराहे पर वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारियों ने हथठेलों को लेकर जाम लगा दिया और फिर कूड़ा सड़क पर बिखेर कर विरोध-प्रदर्शन किया। जाम की खबर पर पुलिस पहुंची, लेकिन सफाईकर्मियों ने जाम खोल दिया, पर कूड़ा नहीं हटाया।
सुबह 10 बजे एत्माद्दौला स्मारक के सामने और इस क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। हाथरस की घटना से गुस्साए सफाईकर्मियों ने स्मारक के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों को भी सफाई से रोक दिया। स्मारक के पास कूड़े के ढेर लगे रहे। सड़ांध के बीच लोग नाक पर रुमाल रखकर निकले
राजनीतिक संगठनों ने फैलाया कूड़ा
हमने शांति पूर्वक पैदल मार्च निकाला और सामूहिक अवकाश पर रहे लेकिन सपा और बसपा से जुड़े नेताओं ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए शहर की सड़कों पर कूड़ा डलवा दिया। वह इस प्रदर्शन को कमजोर करना चाहते हैं। हमने अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचा दी है। शहर के लोगों को कोई दिक्कत हो, यह हमारा संगठन नहीं चाहता। - विनोद इलाहाबादी, प्रदेश उपाध्यक्ष, स्थानीय निकाय महासंघ