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यूपी बार काउंसिल से बाहर हुए 2 लाख अधिवक्ता, ये रही बड़ी वजह

Fri, 19 Jan 2018 03:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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डेमो - फोटो : demo pic
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उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने नियम 40 का पालन न करने वाले और पांच सत्यापित वकालत नामा न भेजने वाले अधिवक्ताओं के नाम काउंसिल की अधिवक्ता सूची से हटा दिए हैं। 
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यूपी बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने आगरा में दीवानी स्थित कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि यूपी बार काउंसिल की ओर से जारी की गई सूची में प्रदेश के 3.52 लाख अधिवक्ताओं में से अब सिर्फ 1.62 लाख अधिवक्ता ही शामिल हैं। 

नई सूची में आगरा जनपद से 3300 अधिवक्ताओं के नाम हैं। उन्होंने बताया कि चार अगस्त 2017 को यूपी बार काउंसिल का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी इसका काम देख रही थी। 
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अब इस कमेटी ने ही अधिवक्ताओं की सूची तैयार कर सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी को भेजी है। प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि यूपी बार काउंसिल की सूची में शामिल अधिवक्ताओं को सर्टिफिकेट ऑफ प्रेक्टिस जारी किया जा रहा है जो कि पांच वर्ष के लिए वैध होगा।
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जल्द होंगे चुनाव

advocate
प्रमाण पत्र एक जनवरी 2018 से जारी हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी या मार्च में  यूपी बार काउंसिल के नए पदाधिकारियों के लिए चुनाव हो सकते हैं। 

जिन अधिवक्ताओं ने नियम 40 का पालन कर सत्यापित वकालत नामा भेजा था, उसके बाद भी उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया है तो वह दस दिन के भीतर रसीद के साथ अपनी आपत्ति यूपी बार काउंसिल को भेज दें, ताकि उनका नाम भी सूची में शामिल किया जा सके।
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