आगरा के फतेहाबाद रोड पर आगरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 105 करोड़ रुपये खर्च करके ड्रेनेज के साथ यूटिलिटी डक्ट बनाई गई थी ताकि पानी, बिजली, सीवर, गैस, फोन आदि की केबिल और लाइन के लिए खुदाई न करनी पड़े, लेकिन सवा साल से फतेहाबाद रोड सीवर लाइन के लिए खोदकर छोड़ दी है। पांच लाख से ज्यादा लोग 15 महीने से खुदाई और एक ओर की सड़क बंद कर देने से जाम से जूझ रहे हैं। 105 करोड़ रुपये की यूटिलिटी डक्ट का चार साल में कोई उपयोग नहीं हो पाया है, जबकि फतेहाबाद रोड कई बार पाइप लाइनों और केबिलों के लिए खोदी जा चुकी है।
खैराती टोला पंपिंग स्टेशन से पुरानी मंडी होते हुए धांधूपुरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक जलनिगम की ग्रामीण इकाई सीवर पाइप लाइन बिछा रही है। 15 माह से फतेहाबाद रोड पर होटल हावर्ड पार्क प्लाजा से टीडीआई मॉल तक खुदाई जारी है। ऐसे में एक ओर की सड़क पर संचालन बंद कर दिया गया था। इन 15 माह तक पांच लाख लोगों ने जाम झेला है। अब भी 40 मीटर पाइप लाइन बिछाने का काम बाकी है। इस रोड की खुदाई से परेशान लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब स्मार्ट सिटी के तहत गहरी यूटिलिटी डक्ट बनाई गई तो इसी में लाइन क्यों नहीं डाली गई।
13.69 रुपये प्रति मीटर थी किराया दर
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 105 करोड़ रुपए से फतेहाबाद रोड पर 7.50 किमी. लंबी बनी यूटिलिटी डक्ट के लिए 13.69 रुपये प्रति मीटर की दर से किराया तय किया गया था। कमिश्नरी चौराहा से इनर रिंग रोड तक डक्ट का निर्माण खुदाई रोकने के लिए किया गया था, लेकिन 4 साल में किराया दर तय होने के बाद भी केवल एक टेलीकॉम कंपनी ने केबिल के लिए इसका उपयोग किया है। गैस, पानी, सीवर, बिजली, टेलीकॉम, फाइबर आदि की कोई अन्य सेवा का उपयोग यूटिलिटी डक्ट में नहीं किया गया। आगरा स्मार्ट सिटी के मुताबिक आईटीसी होटल, मुगल पुलिया और इसके पास के क्षेत्र में मेट्रो के निर्माण के कारण यूटिलिटी डक्ट क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
1600 मिमी. व्यास की थी लाइन
जलनिगम ग्रामीण इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर आरपी सिंह के मुताबिक हमारी लाइन 1600 मिमी. व्यास की है, जबकि स्मार्ट सिटी की यूटिलिटी डक्ट शायद छोटी है। इसमें पाइप आ जाता तो भी खिसकाना पड़ता, जो मुश्किल भरा था। छोटे पाइप के लिए यूटिलिटी डक्ट का उपयोग हो सकता है। स्मार्ट सिटी एडवाइजरी कमेटी के सदस्य दिगंबर सिंह धाकरे ने बताया कि करोड़ों की लागत से यूटिलिटी डक्ट बनाई तो इसका उपयोग क्यों नहीं किया गया। पाइप लाइन और अन्य सेवाओं के लिए इसका उपयोग हो सकता है। स्मार्ट सिटी कमेटी की बैठक में इस पर सवाल पूछा जाएगा। खुदाई से लोग बेवजह परेशान हैं।