खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में दूध के 60 फीसदी नमूने फेल आए हैं। पांच नमूनों में तो सेहत के लिए हानिकारक तत्व यूरिया, डिटरजेंट पाउडर मिला है। इन मामलों में कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एफएसडीए ने अप्रैल से सितंबर तक दूध के 112 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। इनमें से 80 नमूनों की रिपोर्ट पिछले दिनों में आई। 39 नमूनों में पानी मिला पाया गया। पांच नमूनों में सिंथेटिक दूध मिला। इसे मिल्क पाउडर, डिटरजेंट, यूरिया और ग्लूकोज से बनाया गया था।
रिपोर्ट आने के साथ मामलों में एसीएम के कोर्ट में मुकदमा दायर किए गए। कोर्ट ने अधोमानक नमूने वाले विक्रेताओं पर 1.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 15 वाद पर अभी मामला चल रहा है।
जिला अभिहित अधिकारी मनोज वर्मा ने बताया कि जांच में पांच नमूनों में यूरिया, डिटरजेंट की पुष्टि हुई है। कोर्ट में मामला दायर कर दिया है। दोषी को छह साल से आजीवन कारावास तक की सजा है।
इनके नमूने मिले हानिकारक
हरीओम, डौकी
जगराम सिंह, अछनेरा
महेश चंद्र, जलेसर
महेश शर्मा, बाह
हरीशंकर, राजाखेड़ा, मालिक धर्मेंद्र परिहार निवासी फतेहाबाद
मिठाई के 286 नमूने हुए फेल
एफएसडीए की जांच में मिठाई में भी मिलावट पाई गई है। सबसे ज्यादा खोआ निर्मित इन मिठाइयों में स्टार्च, रिफाइंड, क्रीम निकले दूध का उपयोग, घटिया सामग्री जैसी कमियां मिलीं। विभाग ने एसीएम समेत विभिन्न कोर्ट मेें 93 मामले दायर किए हैं। कोर्ट ने 16.38 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मिलावट की ऐसे करें पहचान
सिंथेटिक दूध: एक घूंट दूध का पीकर कुल्ला कर दें। सिंथेटिक दूध होगा तो शुरू में मीठा और बाद में कसैला लगेगा।
पानी युक्त दूध: दूध की कुछ बूंदें फर्श पर डालें, पानी युक्त दूध की बूंद बहने लगेंगी, आकार बड़ा हो जाएगा।
खोआ: खोआ हाथ में लेने पर चिकनाई छोड़ने लगेगा, स्टार्च होने पर खोआ रूखा और अलग-अलग हो जाएगा।
मिल्क पाउडर पनीर: मिल्क पाउडर और रिफाइंड से बनाते हैं। यह पनीर कठोर होगा, रिफाइंड की महक आएगी।
एल्युमिनियम बर्क: बर्क को हाथ पर रगड़ने पर गोली बन जाएगी। चांदी की होने पर यह गायब हो जाएगी।
बेसन: बेसन में सूजी-मक्का का आटा मिलाते हैं। मिलावटी बेसन में बारीक दाने नजर आएंगे।