टोल प्लाजा को बंद कर धरने पर बैठे कर्मचारी।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के फतेहाबाद टोल प्लाजा पर सोमवार रात नई व्यवस्था के विरोध में जमकर हंगामा हुआ। शराब के नशे में धुत चार कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान कर दिया। टोल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। इस कार्रवाई के विरोध में अन्य कर्मचारियों ने रात 12 से 1:30 बजे तक टोल संचालन ठप कर बूम खोल दिए, जिससे करीब 700 वाहन बिना टोल दिए ही गुजर गए।
टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने पूर्व में टोल प्रबंधक को अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन दिया था। टोल प्रबंधन ने 8 घंटे नियमित ड्यूटी, एक साप्ताहिक अवकाश और नियमानुसार मानदेय देने की मांगों को स्वीकार कर लिया था। जुलाई माह से यह व्यवस्था लागू की गई थी। कुछ कर्मचारियों की ओर से नई व्यवस्था का विरोध किया जा रहा था। सोमवार रात साढ़े आठ बजे करीब एक कर्मचारी ने व्हाट्सएप ग्रुप पर नई व्यवस्था के विरोध में फंदा लगाने की धमकी दी।
प्रोजेक्ट मैनेजर प्रमोद धनगर कर्मचारियों को समझा रहे थे। आरोप है कि तभी नशे में कुछ कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट मैनेजर से गाली-गलौज कर दी। प्रोजेक्ट मैनेजर ने डायल 112 पुलिस व थाना फतेहाबाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अभद्रता करने वाले चार कर्मचारियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के विरोध में साथी कर्मचारी टोल संचालन बंद कर धरने पर बैठ गए। बूम खोलने से रात 12 बजे से 1:30 तक करीब 700 वाहन बिना टोल दिए गुजर गए। दावा है कि इससे एक्सप्रेसवे प्रबंधन को करीब 8 लाख का नुकसान हुआ है। बाद में टोल प्रबंधक ने धरना दे रहे कर्मचारियों को बमुश्किल समझाकर धरना समाप्त कराया।
इन कर्मचारियों की हुई सेवा समाप्त
प्रोजेक्ट मैनेजर की तहरीर पर पुलिस ने सचिन गोस्वामी दीनूकी, टूंडला, हरि गोविंद सिंह निवासी बिरहरू, सैंया, दिलीप पांडेय निवासी सेमरा, सिरसागंज और राजू यादव निवासी मलगांव, सकीट एटा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मंगलवार को चारों का शांतिभंग में चालान कर दिया। प्रबंधन ने चारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि चार कर्मचारियों ने शराब के नशे में उनके साथ अभद्रता की थी। चारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।