ये है इतिहास
1566 ई. में पूर्व जनपद में महाबली राजा चंद्रसेन की रियासत थी। राजा न्यायप्रिय होने के साथ ही प्रजापालक थे। उन्हीं के नाम पर राज्य का नाम चंद्रनगर हुआ करता था, लेकिन एक हादसे ने चंद्रनगर को फिरोजाबाद बना दिया। कहा जाता है कि एक बार पित्रों के आत्मशांति के लिए बादशाह अकबर के दरबारी एवं नवरत्नों में से एक राजा टोडरमल पिंडदान करने के लिए जा रहे थे। इस दौरान लुटेरों ने उनसे सोने-चांदी के साथ ऊंट आदि लूट लिए। जब राजा टोडरमल ने पूरी जानकारी अकबर को दी तो उन्होंने अपने एक अन्य नवरत्न फिरोजशाह को यहां भेजा। फिरोजशाह ने कार्रवाई करते हुए लुटेरों को परास्त कर दिया। लुटेरों को परास्त करने के बाद उसने यहीं पर अपना निवास बना लिया। मृत्युपर्यंत फिरोजशाह यहीं रहा और उसी के नाम पर चंद्रनगर का नाम फिरोजाबाद हो गया।
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यहां पर है मकबरा
फिरोजशाह का मकबरा आज भी यहां मौजूद है। वहीं भाजपा सरकार बनने के बाद जब कई जनपदों एवं शहरों के नाम बदले तो फिरोजाबाद के लोगों ने भी फिरोजाबाद का नाम चंद्रनगर करने की मांग शुरू कर दी। पूर्व में जिला पंचायत द्वारा प्रस्ताव पास कर शासन को भेज दिया। वहीं बृहस्पतिवार को नगर निगम द्वारा प्रस्ताव पारित कर चंद्रनगर रखने की बात कही। नगर निगम द्वारा प्रस्ताव पारित होने पर लोगों को भी उम्मीद बंध गई।
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