रोडवेज बसों में टिकट के बड़े गोलमाल का खुलासा होने के बाद विभाग के मालदार अधिकारी जांच के घेरे में आ गए हैं। एसटीएफ ने ही 50 अफसरों की सूची तैयार कर ली है। इनमें कई अधिकारियों की संपत्ति दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, देहरादून, हरिद्वार और मुंबई तक में है।
फर्जी टिकटों के इस खेल में मथुरा में ही अभी तक 10 संविदा चालक और कंडक्टर की सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, जबकि आठ के खिलाफ जांच चल रही है। एसटीएफ ने सरगना समेत 11 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया है। एसटीएफ के पास रोडवेज के ऐसे अधिकारियों के नाम भी पहुंच रहे हैं, जिन्होंने कुछ ही दिनों में अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है।
कुछ ने तो अपने रिश्तेदारों के नाम से ट्रांसपोर्ट कंपनी तक खोल रखी है। कई रूट पर प्राइवेट बसें भी चल रही हैं। इनमें से कई अधिकारी 2010 से 2018 तक आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, फिरोजाबाद, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, कानपुर और गोरखपुर मंडल में रहे हैं।