रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक कर चुकी छात्राओं के लिए पहली सूची विश्वविद्यालय को मिल गई है। इसमें 1441 छात्राओं के नाम शामिल हैं और प्रमाण पत्रों का सत्यापन शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के करीब 28 हजार छात्राओं की सूची शासन को भेजी थी। आगे सूची मिलते ही अन्य छात्राओं का भी सत्यापन किया जाएगा।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक कर चुकी छात्राओं को स्कूटी मिलेगी। इसके लिए शासन से पहली सूची विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल गई है। इसमें 1441 छात्राएं हैं। इनके प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर युनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर में केंद्र बनाया है।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि विश्वविद्यालय के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के 585 कॉलेजों में करीब 28 हजार छात्राओं ने स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसकी सूची शासन को भेज दी थी। इसमें से पहली सूची के तौर पर 1441 छात्राओं के नाम आए हैं। इनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन शुरू हो गया है। छात्राओं को अपने पिता के 12 लाख रुपये से कम का छह महीने पहले बना आय का प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र और कॉलेज की अपार आईडी लेकर साथ आना होगा। संबंधित कॉलेजों की छात्राओं को तय दिन बुलाया जा रहा है। जैसे-जैसे सूची मिलती जाएगी, सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेजते जाएंगे।
क्या है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना?
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को उत्तर प्रदेश सरकार चलाती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाना है और साथ ही उनकी यात्रा को आसान बनाना है।
इसलिए पात्र छात्राओं को मुफ्त स्कूटी (स्कूटी के साथ शुरुआत में 5 लीटर मुफ्त पेट्रोल, हेलमेट और गाड़ी RTO Registration के साथ स्कूटी के बीमा का खर्च भी देती है) देने का प्रावधान है।
किसे मिलेगी मुफ्त स्कूटी?
जो प्रदेश के मूल निवासी हैं।
शैक्षणिक योग्यता के रूप में सरकारी या प्रावेट कॉलेज में स्नातक में पढ़ने वाली मेरिट वाली छात्राएं।
हालांकि, इसके लिए हर संस्थान के पास-आउट हुए बैच में से टॉप 5% मेधावी छात्राओं को चुना जाता है और वे मुफ्त स्कूटी के लिए पात्र होती हैं।
अगर आपको योजना से जुड़ना है तो आपके परिवार की आय भी देखी जाती है।
जिस छात्रा को योजना से जुड़ना है, उसके परिवार की कुल सालाना आय 12 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
हालांकि, जो छात्रएं दिव्यांग हैं, निराश्रित है और जो छात्राएं शहीद परिवारों से आती हैं उन्हें इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है।