स्मार्ट मीटरों पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा
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आगरा में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ कुछ समय पहले हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब बिजली विभाग गुपचुप तरीके से एक्शन मोड में आ गया है। विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तोड़े गए स्मार्ट मीटरों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। विभाग की इस कवायद के बाद प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटर तोड़ने वाले उपभोक्ताओं पर रिकवरी की तलवार लटकने लगी है।
बिजली विभाग के सूत्रों के मुताबिक पिछले महीनों में स्मार्ट मीटरिंग के विरोध के दौरान कई जगह तोड़फोड़ की शिकायतें मिली थीं। विभाग अब क्षेत्रवार ऐसी सूची तैयार कर रहा है। नियमानुसार, यदि मीटर उपभोक्ता के परिसर में लगा है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उपभोक्ता की होती है। वहीं, सरकारी संपत्तियों के नुकसान पर योगी सरकार की नीति स्पष्ट है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अपराध है।
ऐसे में माना जा रहा है कि जिन मीटरों को नुकसान पहुंचाया गया, उनकी रिकवरी उपभोक्ताओं से हो सकती है। आगरा जोन के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि स्मार्ट मीटर के प्रीपेड वर्जन को खत्म करने के ऊर्जा मंत्री के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। अगले महीने से बिल महीने के अंत में ही आएगा। टूटे मीटरों पर उच्चाधिकारियों के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
खराब होने पर विभाग की होती है जिम्मेदारी
विभाग के नियम के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उसमें आने वाली किसी भी तकनीकी या अन्य खामी पर विभाग ही मीटर बदलवाएगा। इसके लिए उपभोक्ता से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। हालांकि मीटर को जानबूझकर नुकसान पहुंचाए जाने पर उपभोक्ता की जवाबदेही है। चूंकि मीटरों को तोड़ने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। ऐसे में विभाग के सामने भी पेंच है कि वह नुकसान की भरपाई करे या अपने खर्च पर मीटर दोबारा लगवाए।