आगरा के शाहगंज थाने के एक दरोगा और सिपाही पर बुलडोजर मालिक रईस खां को जबरन थाने लाकर 25 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगा है। पीड़ित ने डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत की है। डीसीपी ने एसीपी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शाहगंज के सराय ख्वाजा निवासी रईस खां ने दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 2021 में 10 लाख रुपये जमाकर एक बुलडोजर फाइनेंस कराई थी। 15 किस्तें देने के बाद चोट लगने से वह किस्तें नहीं दे पाए। कंपनी के फाइनेंस कर्मी उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे। उन्होंने 2 फरवरी 2026 को फाइनेंसकर्मियों के उत्पीड़न से परेशान होकर डीसीपी सिटी कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया था।
आरोप है कि 7 फरवरी को दरोगा और सिपाही उन्हें बाइक से जबरन थाने ले गए। वहां बिना कारण बिठाकर रखा और छोड़ने के लिए 1 लाख रुपये मांगे, साथ ही जेल भेजने की धमकी दी। परिजन और थाना क्षेत्र के एक पार्षद ने पुलिसकर्मियों से बात की। अंत में 25 हजार रुपये तय हुए। उन्होंने अपने मोबाइल नंबर से पार्षद के नंबर पर 5000 रुपये और भाई के नंबर से 20 हजार रुपये डलवाए, तब जाकर रात 11:30 बजे उन्हें छोड़ा गया।
रईस का आरोप है कि दरोगा ने पहले अपना नाम रजत बताया था, बाद में असली नाम बताया और दो दिन बाद बुलडोजर उनके हवाले करने के लिए कहा। बृहस्पतिवार को उन्होंने लेनदेन के साक्ष्य के साथ डीसीपी सिटी से शिकायत की। डीसीपी ने एसीपी लोहामंडी को जांच के निर्देश दिए हैं और रकम दिलाने का आश्वासन दिया है। आरोप लगाया गया कि सिपाही यातायात पुलिस में ट्रांसफर के बाद भी डटा है और उसकी पूर्व में भी कई शिकायतें आ चुकी हैं। वह खुद को जनपद में तैनात एक इंस्पेक्टर का भतीजा भी बताता है।
दोषी पर होगी कार्रवाई
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पीड़ित ने मामले में शिकायत की है। जांच एसीपी लोहामंडी को दी गई है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।