इससे पूर्व जारी आदेश में जिले के नौ ब्लॉकों की 549 ग्राम पंचायतों पर कुल 28 अधिकारी तैनात किए थे। प्रत्येक अधिकारी को औसतन विकास खंड की तीन-तीन न्याय पंचायतें दी गई थीं। इसमें विभिन्न विभागों के सहायक विकास अधिकारी के अलावा खंड शिक्षाधिकारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी और अपर जिला पंचायत राज अधिकारी शामिल थे। 24 दिसंबर को जारी आदेश को अब निरस्त कर दिया गया है।
इसलिए बदलना पड़ा आदेश
पूर्व में तैनात 28 प्रशासकों में सहायक विकास अधिकारियों के अलावा खंड शिक्षाधिकारी और अपर जिला सहकारी अधिकारी भी शामिल थे। हालांकि ग्राम पंचायतों में भुगतान और अन्य कार्यों के लिए बने पोर्टल ई-ग्राम स्वराज में दूसरे विभागों के अधिकारियों के पद नहीं थे। ऐसे में डिजिटल भुगतान के लिए उनके डीएससी नहीं बन सके। इसके साथ ही ब्लॉक पर प्रशासक के लिए केवल एक डीएससी जारी की जानी थी। ऐसे में काफी प्रयास के बाद भी काम न बनने पर आदेश बदलना पड़ा।