गुरुवार को अवकाश में भी पंचायत विभाग में आपत्तियों के निस्तारण का काम किया गया। शुक्रवार शाम तक आपत्तियों का निस्तारण करके आरक्षण आवंटन की अंतिम सूची तैयार कर ली गई। इसी बीच शासन से हाईकोर्ट संबंधी आदेश आ गया। इसके बाद पूरी प्रक्रिया रोक दी गई।
दावेदारों में मची खलबली
पंचायत चुनाव पर रोक लगने से दावेदारों में खलबली मच गई है। पिपरैठा जगनेर के पूर्व प्रधान बनवारीलाल शर्मा का कहना है कि चुनाव की तैयारी में लगे दावेदारों को इससे झटका लगा है। अब आरक्षण नए सिरे से होने से फर्क पड़ेगा।
बिजौली के पूर्व प्रधान लाखन सिंह का कहना है कि इससे चुनाव की तैयारी में लगे लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। आरक्षण आवंटन इस चुनाव में बड़ा महत्व रखता है। जिला पंचायत चुनाव की तैयारी में लगे रामकेश दुबे का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया के रुकने से दावेदारों में निराशा है।