ताजनगरी आगरा में मेयर के लिए दौड़ शुरू हो गई है। भाजपा से टिकट लेने वालों की लंबी कतार है। भाजपा से पूर्व विधायक हेमलता दिवाकर ने पर्चा खरीदा है, जिसके बाद इस दौड़ में शामिल अन्य भाजपा नेताओं की धड़कनें बढ़ गई हैं।
आगरा नगर निगम में दूसरे दिन भी कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ। भाजपा से पूर्व विधायक हेमलता दिवाकर, शिरोमणि अकाली दल से मंजू और निर्दलीय सरिता सहित चार लोगों ने मेयर पद के लिए पर्चे खरीदे। दो दिन में पार्षदों के लिए कुल 343 पर्चे बिक चुके हैं।
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जिले में 13 निकाय हैं। चार मई को मतदान होगा। मेयर और पार्षदों की नामांकन प्रक्रिया नगर निगम में चल रही है। मेयर पद के निर्वाचन अधिकारी एडीएम वित यशवर्धन श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को मेयर के लिए तीन पर्चे बिके हैं। एक पर्चा मंगलवार को बिका था। पार्षद के 100 वार्डों के लिए बुधवार को 211 और मंगलवार को 132 नामांकन पत्र बिके। इस तरह दो दिन में मेयर और पार्षद के कुल 347 पर्चों की बिक्री हो चुकी है।
मेयर का पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। अनुसूचित वर्ग के लिए नामांकन पत्र का शुल्क 500 रुपये है। जबकि पार्षद पद के सामान्य उम्मीदवार के लिए 400 रुपये और अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के लिए 200 रुपये कीमत है।
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नगर निगम परिसर में मेयर पद के नामांकन के लिए सदन कक्ष में व्यवस्था है। जबकि पार्षदों के लिए 20 कक्ष हैं। प्रत्येक कक्ष में पांच-पांच वार्ड के नामांकन होंगे। बुधवार को तेज धूप रही। नामांकन के लिए कोई नहीं पहुंचा। अपराह्न तीन बजे तक सिर्फ बिक्री होती रही। नगर निगम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। 17 अप्रैल तक नामांकन पत्र जमा किए जा सकते हैं। नगर निगम का चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होगा।
भाजपा की पूर्व विधायक हेमलता दिवाकर पत्नी टीकम सिंह ने मेयर पद के लिए पर्चा खरीदा। हेमलता 2012 में सपा से भाजपा में शामिल हुई थी। 2012 से 2017 तक भाजपा के टिकट पर आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहीं। 2022 में हेमलता का टिकट काटकर भाजपा ने पूर्व राज्यपाल व आगरा नगर निगम की पहली महिला मेयर रहीं बेबीरानी मौर्य को दिया था। 2022 आगरा ग्रामीण सीट से बेबीरानी विधायक बनने के बाद योगी कैबिनेट में महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं।