हड़ताल पर बैठे 102, 108 एंबुलेंस के चालक
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी एंबुलेंस सेवा 108 और 102 के चालकों की हड़ताल सोमवार को कासगंज की एक मरीज को बहुत महंगी पड़ी। गंभीर बीमार बेटी किशोरी को अलीगढ़ ले जाने के लिए गरीब पिता एंबुलेंस चालक से मिन्नतें करता रहा, लेकिन चालक का दिल नहीं पसीजा। मजबूरन प्राइवेट एंबुलेंस से उसे अलीगढ़ ले जाया गया।
सोमवार सुबह करीब नौ बजे दरियावगंज के गांव नगला कच्छ निवासी रक्षपाल अपनी 14 साल की बेटी धनवती को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे थे। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को बताया कि वो सुबह से ही 108 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल कर रहे थे, लेकिन कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। निजी साधन से यहां आए हैं।
चिकित्सकों ने जांच की तो पाया कि धनवती को चेस्ट इंफेक्शन होने के कारण तेज बुखार है। उसकी हालत गंभीर बताकर उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया। रक्षपाल ने 108 एंबुलेंस को भी कॉल किया। बताया कि कॉल तो रिसीव हुई, लेकिन एंबुलेंस चालकों ने मरीज ले जाने से मना कर दिया। मजबूरन कर्ज लेकर निजी एंबुलेंस से बेटी को अलीगढ़ ले गया।