आगरा में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए दोबारा सर्वे हुआ, पर आगरा में अब तक एक बार भी नगर निगम की कमान पिछड़ा वर्ग के मेयर के पास नहीं रही। आरक्षण के चक्रानुक्रम का चक्र कुछ ऐसा रहा कि अब तीसरी बार अनुसूचित जाति की महिला नगर निगम की कमान संभालेगी। शहर की पहली अनुसूचित जाति महिला मेयर बेबीरानी मौर्य और दूसरी बार अंजुला सिंह माहौर रही थीं, अब तीसरी बार फिर मौका मिलेगा। दो बार अनुसूचित जाति के पुरुष मेयर रहे हैं, जिनमें सेठ किशोरी लाल माहौर और इंद्रजीत आर्य मेयर रह चुके हैं। पिछड़ा वर्ग को इस सीट पर अब तक मौका नहीं मिल पाया।
बृहस्पतिवार शाम को आरक्षण सूची जारी होते ही सामान्य और महिला आरक्षित सीट की संभावना पर दावेदारी कर रहे भाजपा, बसपा, कांग्रेस, सपा और आप के कार्यकर्ताओं को मायूस होना पड़ा। मेयर के साथ नगर पंचायत और नगर पालिका परिषद चेयरमैन के लिए आरक्षण सूची का सभी दलों के दावेदार इंतजार कर रहे थे। सूची जारी होने के साथ ही राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने आरक्षण के मुताबिक अपनी दावेदारी जताना शुरू कर दिया।
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अब तक चुने गए मेयर
आगरा नगर निगम बनने के बाद हर बार यहां भाजपा के मेयर रहे। अब तक 6 बार भाजपा के मेयर रह चुके हैं।
तीसरी बार अनुसूचित जाति महिला के लिए सीट
साल आरक्षण मेयर पार्टी
1989 अनारक्षित रमेशकांत लवानियां भाजपा
1995 अनुसूचित जाति महिला बेबीरानी मौर्य भाजपा
2000 अनुसूचित जाति किशोरी लाल माहौर भाजपा
2006 अनुसूचित जाति महिला अंजुला सिंह माहौर भाजपा
2012 अनुसूचित जाति इंद्रजीत आर्य भाजपा
2017 अनारक्षित नवीन जैन भाजपा
2023 अनुसूचित जाति महिला
छह निकायों की कमान महिलाओं के पास
दिसंबर में जारी की गई अधिसूचना में आगरा के 13 नगर निकायों में केवल 4 पर ही महिलाओं को आरक्षण दिया गया था, जिनमें बाह, जगनेर, फतेहाबाद और दयालबाग को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया, जबकि बृहस्पतिवार की अधिसूचना में आगरा नगर निगम के साथ छह निकायों में महिलाएं कमान संभालेंगी। इस बार नगर पालिका अछनेरा और फतेहपुर सीकरी तथा नगर पंचायत किरावली और फतेहाबाद के साथ पिनाहट में महिला प्रमुख होंगी। पिछली बार आगरा नगर निगम में 40 महिला पार्षद थीं, जबकि साल 2017 के चुनाव में 33 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थी लेकिन 40 महिला पार्षद चुनी गईं।