भाजपा के दोनों प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए
जांच के बाद सपा के दोनों और सुभासपा प्रत्याशी के नामांकन पत्रों में कमियां पाए जाने पर निरस्त कर दिए गए। इसके साथ ही भाजपा प्रत्याशियों का जीतना तय हो गया था। औपचारिक घोषणा होना बाकी थी। गुरुवार को नाम वापसी का समय पूरा होते ही भाजपा के दोनों प्रत्याशियों को विजयी घोषित कर दिया गया।
डीएम अंकित अग्रवाल ने दोनों नवनिर्वाचित एमएलसी को जीत के प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसके साथ ही भाजपाइयों में जोश भर गया और उन्होंने नारेबाजी कर खुशी का इजहार किया। बाद में दोनों नवनिर्वाचित एमएलसी का जगह-जगह स्वागत किया गया।
नरसंहार की सजा भुगत रहे विरोधी: ओमप्रकाश सिंह
विजयी घोषित होने के बाद भाजपा के एमएलसी ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि विपक्ष हमारे ऊपर आरोप लगाता है, लेकिन भगवान श्रीराम का नाम लेना कोई अपराध नहीं है। हमारा शीर्ष नेतृत्व धर्म और शास्त्रों के अनुसार काम कर रहा है तो यह गौरव की बात है। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर कहा कि लोग चाहते हैं कि वहां मंदिर बने। जिस तरह श्रीराम जन्मभूमि में न्यायालय के फैसले के बाद मंदिर बनाया जा रहा है। मथुरा में भी न्यायालय के निर्णय के अनुसार ही काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद नरसंहार किया गया था। कई लोगों की जान चली गई थी। किसी दल का बिना नाम लिए कहा कि ऐसे लोगों को भगवान सजा दे रहा है, यह सजा उन्हें भुगतनी ही होगी। एमएलसी ने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर विकास की योजनाएं बनाएंगे। क्षेत्र में जो कमियां हैं, उन्हें दूर कराएंगे।
चुनाव लड़ना ही नहीं चाहते थे विपक्षी: आशीष यादव
नवनिर्वाचित एमएलसी आशीष यादव ने कहा कि पहले सपा प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। हम लोग बाद में गए तो उन्होंने हंगामा किया। दोनों के शपथ पत्र में एक जैसी गलतियां थीं, जिसकी वजह से उनके नामांकन पत्र निरस्त हुए। ताकि अपने शीर्ष नेतृत्व से बहानेबाजी कर सकें।
उन्होंने कहा कि विपक्षी चुनाव लड़ना ही नहीं चाहते थे। इस तरह की हरकतों से वह यहां दुष्प्रचार करने आए थे। उन्होंने कहा कि शांति, सुकून कायम रखते हुए विकास कराएंगे। बेरोजगारी कम करने का प्रयास करेंगे।