उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मामला अदालत में विचाराधीन है। लिहाजा सरकार को कोई ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे मंदिर निर्माण की सारी बाधाएं दूर हो सकें। मंदिर बनने से लोगों में इस मुद्दे को लेकर जो कटुता आती है वो भी खत्म हो जाएगी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने जो कहा है कि वो उसका समर्थन करते हैं। हर कोई चाहता कि मंदिर का निर्माण हो लेकिन कोई न कोई तकनीकी अड़चन ऐसी आ जाती है जिससे चाहते हुए भी कुछ कर नहीं पाते हैं।
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि अब राम मंदिर को मुद्दा न बनाकर निर्माण कराना होगा। संघ ही नहीं हर हिंदू राम मंदिर का निर्माण चाहता है। अगर राम मंदिर बन जाता है तो इससे आपसी सौहार्द और भाईचारा बढ़ेगा।
गौरतलब है कि मुंबई में संघ के सर कार्यवाहक भैय्याजी जोशी ने कहा कि हिंदू समाज चाहता है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो एक बार फिर 1992 जैसा आंदोलन होगा।