आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित होटल समोवर में ईसाई धर्म प्रचारकों की पिटाई के मामले में पुलिस ने शनिवार को विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी रवि दुबे और बजरंग दल के कार्यकर्ता संजय को नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार कर लिया।
उन्हें तीन घंटे बाद ही थाने से जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस की यह कार्रवाई शुक्रवार को आगरा आए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के सख्त तेवर के बाद हुई। इस मामले में थाना ताजगंज में रिपोर्ट दर्ज है।
30 अक्तूबर को ईसाई धर्म प्रचारक होटल में बैठक करने आए थे। इसी बीच विहिप और बजरंग दल पदाधिकारी पहुंच गए थे। उन्होंने प्रचारकों पर धर्मांतरण के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। इस दौरान प्रचारकों को हॉकी-डंडे से पीटा था।
मामले में आठ लोग नामजद
इसके बाद सात लोगों को पुलिस के हवाले कर दिया था। उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। उधर, मिशनरी समाज की ओर से भी 31 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें रवि दुबे, संजय, अतुल, दिव्यांशु, हेमेंद्र सहित आठ नामजद और 15 अज्ञात थे।
आरोपियों की मदद के लिए संघ और विहिप पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई थी, लेकिन विदेश मंत्रालय तक बात पहुंचने पर उन्होंने भी सीधे तौर पर मदद से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा था कि कानून के दायरे में रहते हुए पहले आरोपियों को जेल जाना होगा। इसके बाद ही उनकी कोई मदद हो सकेगी।
शनिवार दोपहर एक बजे ताजगंज पुलिस ने विहिप के प्रांत सह संपर्क प्रमुख रवि दुबे और बजरंग दल के कार्यकर्ता संजय को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर थाना ताजगंज ने बताया कि दोनों को फतेहाबाद रोड स्थित मुगल पुलिया से गिरफ्तार किया है।
जमानत पर रिहा
उधर, विहिप पदाधिकारियों का दावा था कि वह लोग खुद थाने आए। पुलिस ने चार बजे दोनों को थाने से जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस का तर्क था कि मुकदमे में लगी धाराओं में सात साल से कम सजा का प्रावधान है। इसलिए जमानत दी गई है।
वहीं पदाधिकारी के पकड़े जाने पर विहिप प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर, राकेश त्यागी, दिग्विजय नाथ तिवारी, मदन वर्मा और सुरेंद्र चौधरी आदि लोग थाने पहुंच गए थे।