एसएन के इमरजेंसी प्रभारी डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि इमरजेंसी में 80 बेड हैं। मेडिसिन विभाग में 24 बेड हैं। बीते सप्ताह से भीषण गर्मी से उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और फूड पॉइजनिंग के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। रोजाना भर्ती हो रहे मजीजों में से 3-5 की हालत गंभीर मिलती है। बाकी के मरीजों को कुछ घंटे के उपचार के बाद सुधार होने पर डिस्चार्ज किया जा रहा है। दस्त के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसमें धूप में काम करने वाले लोग अधिक हैं।
बाल रोग विभाग के डॉ. रामक्षितिज शर्मा ने बताया कि तेज धूप और गर्मी में स्कूल भी चल रहे हैं। शादी-समारोह में बच्चे तला-भुना खा रहे हैं। इससे तेज बुखार के साथ उल्टी, दस्त और पेट में दर्द की मामले बढ़े हैं। पर्याप्त पानी न पीने से डिहाइड्रेशन भी हो रहा है। प्रतिदिन ऐसे 8-10 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। इनमें एक-दो की हालत गंभीर मिल रही है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त 20 बेड की व्यवस्था की जा रही है।
इन बातों का रखें ध्यान:
- बच्चों को सुबह-शाम ही बाहर खेलने दें।
- दो बोतल पानी देकर बच्चों को स्कूल भेजें, ओआरएस मिला सकते हैं।
- तरबूज, खरबूज, संतरा, अंगूर समेत रसदार फल खाएं।
- सलाद अधिक खाएं, रात में मैदा से बना भोजन करने से बचें।
- सुबह नाश्ता करके ही बाहर निकलें, नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।