डीएम मनीष बंसल ने असंगठित क्षेत्र के 17 लाख से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने के लिए पेंशन योजना की बड़ी मुहिम शुरू की है। इस योजना के तहत 55 रुपये मासिक अंशदान पर 60 वर्ष की आयु के बाद श्रमिकों को 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।
असंगठित क्षेत्र के 17 लाख से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए बुधवार को डीएम मनीष बंसल ने बड़ी मुहिम शुरू की। सभी विभागों में 15 हजार से कम आय वाले श्रमिकों को पीएम श्रमयोगी मानधन योजना से जोड़ा जाएगा। 55 रुपये अंशदान पर उन्हें 60 साल के बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।
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कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला श्रमबंधु और टास्क फोर्स की बैठक में डीएम मनीष बंसल ने कहा कि पहले चरण में आशा, आंगनबाड़ी, सफाई कर्मी, मनरेगा से लेकर निजी और सरकारी क्षेत्र के श्रमिकों को जोड़ा जाए। इस योजना में 18 से 40 वर्ष की आयु के श्रमिक, जिनकी मासिक आय 15 हजार से कम है, वे इस योजना के पात्र होंगे। इसमें उम्र के अनुसार 55 से 200 रुपये का मासिक अंशदान करने पर 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। डीएम ने सीडीओ को इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है।
मातृत्व शिशु और बालिका मदद में सुस्ती से डीएम नाराज
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मातृत्व शिशु और बालिका मदद योजना और कन्या विवाह सहायता योजना में बेहद कम आवेदनों पर कड़ी नाराजगी जताई। जिले में करीब 3 लाख सक्रिय श्रमिक होने के बावजूद मातृत्व लाभ के मात्र 349 और कन्या विवाह के 451 आवेदन मिलने पर डीएम ने लेबर इंस्पेक्टर और विभागीय अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्रों तक जानकारी न पहुंचना लापरवाही है।
उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य निर्धारित कर कैंप लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिस भी निर्माण स्थल पर 10 या उससे अधिक श्रमिक कार्य कर रहे हैं, उसका निवेश मित्र पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। उपकर (सेस) की समीक्षा में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 62.84 करोड़ का संग्रह हुआ है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी की रेट सूची के आधार पर शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश दिए।
जिले में बाल श्रमिकों के चिह्नांकन के लिए किए गए 209 निरीक्षणों में 230 बच्चे चिह्नित किए गए, जिनमें से 184 मामलों में अभियोजन दायर किया गया है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान, उप श्रमायुक्त सियाराम समेत अन्य अधिकारी व ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे।