प्रदेश सरकार के वित्त, संसदीय कार्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने मंदी पर सरकार की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मंदी नहीं बल्कि सुस्ती का दौर है। अर्थ व्यवस्था में इस तरह के उतार-चढ़ाव आते-जाते रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सुस्ती को दूर करने के लिए कारपोरेट सेक्टर से टैक्स का बोझ कम किया है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
आगरा में रविवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आखिरी वर्ष 2013 के कार्यकाल में विकास दर सबसे कम 4.8 फीसदी थी। मगर, तब इसको लेकर कोई हो-हल्ला नहीं था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से विकास दर बढ़कर 7.25 फीसदी तक पहुंच गई। आर्थिक क्षेत्र के उतार-चढ़ाव के क्रम में दूसरी तिमाही में विकास दर 5 फीसदी पर क्या आई, लोगों ने काफी प्रतिक्रियाएं दीं।
उन्होंने कहा कि इस सुस्ती का पीएम मोदी को जैसे ही पता चला तो आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए। कारपोरेट टैक्स 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी कर दिया। अधिभार और सेस मिलाकर 25.17 फीसदी है। इसके अलावा एक अक्टूबर 2019 के बाद जो लोग नई कंपनी बनाएंगे, नई यूनिट स्थापित करेंगे, 31 मार्च 2023 तक प्रोडक्शन प्रारंभ करेंगे, उनको सिर्फ 15 फीसदी टैक्स देना होगा। जोकि अधिभार और सेस मिलाकर 17.01 फीसदी होगा।
'रोजगार के अवसर बढ़ेंगे'
सुरेश खन्ना ने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, इनवेस्टर को बढ़ने का मौका मिलेगा, विदेश में रहने वाले लोग भारत में इनवेस्ट करेंगे। पहले जो लोग चीन की तरफ आकर्षित होते थे, टैक्स कम होने से ये लोग भारत की तरफ आकर्षित होंगे।
देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई और भी कदम उठाए गए। जैसे अब एक करोड़ रुपये निकालने पर अब दो फीसदी टीडीएस नहीं लगेगा। पांच करोड़ रुपये से अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनियों के लिए सीएसआर की बाध्यता नहीं होगी। वे नये सेक्टर में इनवेस्ट कर सकेंगे। एमएसएमई के तहत छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को भी काफी राहत मिली है।
प्रदेश के 46 उपकोषागार बंद करने का निर्णय
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि जब से मैने वित्त मंत्रालय संभाला है, तब से 34 जिलों के 46 उपकोषागार को बंद करने का फैसला लिया जा चुका है। सरकार की कोशिश है कि सरकारी धन के फिजूल खर्च को रोका जाए। वर्ष 1981 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मंत्रियों की आमदनी पर सरकार द्वारा टैक्स वहन किए जाने की व्यवस्था शुरू की थी, योगी सरकार ने इसे भी खत्म कर दिया है।
प्रदेश में मेडिकल कॉलेज बढ़े
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 15 मेडिकल कालेज निर्माणाधीन हैं। आठ मेडिकल कालेज में प्रवेश प्रारंभ हो गया है। वर्ष 2016 तक प्रदेश में सिर्फ 12 मेडिकल कालेज ही थे। मगर, योगी सरकार ने चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए चिकित्सा शिक्षा पर जोर दिया। आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में भी सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल बनाने का काम शुरू हो गया है। मंत्री ने प्रेसवार्ता से पहले एसएन मेडिकल कालेज प्रबंधन तथा अन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी की।