उत्तर प्रदेश में महंगी हुई बिजली को लेकर सियासत गरमाने लगी है। अनमीटर्ड ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में हुई वृद्धि को लेकर किसान संगठन सड़कों पर आ गए हैं। उपभोक्ता परिषद ने भी बढ़ी दरों को वापस लेने की मांग की है। अमर उजाला से बातचीत में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि बिजली का रेट बढ़ाना कष्टकारी है लेकिन हर गरीब के घर तक बिजली और विभाग को घाटे से उबारने के लिए कोई विकल्प भी नहीं है।
प्रदेश में बिजली 12.73 फीसदी महंगी हो गई है। ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में सबसे ज्यादा 63 फीसदी की वृद्धि की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के मीटर्ड उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज और दरें बढ़ा दी गई हैं। इसे लेकर हंगामा मचा है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने ग्रामीण घरेलू और किसानों की बिजली दरों में की गई वृद्धि को वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
वहीं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि बिजली का रेट बढ़ाना कष्टकारी है। लेकिन विभाग को कर्ज से उबारने के लिए सरकार के पास फिलहाल कोई विकल्प भी नहीं है। बिजली विभाग 78 हजार करोड़ के घाटे में चल रहा है। सरकार छह रुपये 64 पैसे प्रति यूनिट बिजली खरीदकर 80 पैसे प्रति यूनिट में किसानों को दे रही है।
क्योंकि हर गरीब के घर में बिजली पहुंचानी है लिहाजा कुछ फैसले तो करने ही पड़ेंगे। बिजली के दाम नियामक आयोग ने पूरी प्रक्रिया को पूरी करने के बाद बढ़ाए हैं। सभी बड़े शहरों में सर्वे किया गया। किसान संगठनों से भी बात की गई थी।