सुरक्षा प्राप्त नेता नहीं बनेंगे अभिकर्ता
मतगणना में किसी भी पार्टी के केंद्र अथवा राज्य सरकार के मंत्री, राज्य मंत्री एवं सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति मतगणना अभिकर्ता के रूप में नियुक्त नहीं किए जा सकेंगे। यदि वह स्वेच्छा से अपनी सुरक्षा व्यवस्था छोड़ दें तब भी उसे मतगणना अभिकर्ता नियुक्त नहीं किया जा सकता। नगरपालिका अध्यक्ष, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, व अन्य जनप्रतिनिधि भी मतगणना अभिकर्ता नहीं बन सकेंगे।
अंदर नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल
जिलाधिकारी ने बताया कि मतगणना के दौरान किसी भी मतगणना कार्मिक को मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी प्रत्याशी, चुनाव अभिकर्ता व मतगणना अभिकर्ता को भी मोबाइल फोन, कैमरा व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने की अनुमति नहीं होगी।
मतगणना के बाद पुन: सील होंगी ईवीएम
मतगणना परिणाम की घोषणा के बाद ईवीएम को पुन: सील किया जाएगा। प्रत्याशी व उनके चुनाव अभिकर्ता सील पर अपने हस्ताक्षर भी करेंगे। सील की गईं ईवीएम को कलक्ट्रेट परिसर के वेयर हाऊस के स्ट्रांग रूम मे सुरक्षित रखा जाएगा। ईवीएम के परिवहन के समय प्रत्याशी या चुनाव अभिकर्ता उपस्थित रह सकते हैं।
पांच बूथों की वीवीपैट पर्चियों का होगा मिलान
ईवीएम से मतगणना के अंतिम राउंड में लॉटरी के माध्यम से प्रत्येक विधानसभा में पांच-पांच बूथों का चयन किया जाएगा। इन बूथों पर प्रयुक्त वीवीपैट की पर्चियों की गणना की जाएगी। पर्चियों की गणना का मिलान कंट्रोल यूनिट से प्राप्त परिणाम से किया जाएगा। बूथों की वीवीपैट की पर्चियों की गिनतियों के बाद ही अंतिम परिणाम की घोषणा की जाएगी।