भाजपा के विजयी प्रत्याशी पुरुषोत्तम खंडेलवाल को कंधों पर उठाए समर्थक
- फोटो : अमर उजाला
भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर 2,39,588 मत ईवीएम में और 1164 मत पोस्टल के माध्यम से पड़े। कुल पड़े 2,40,752 मतों में से पुरुषोत्तम खंडेलवाल को ही 1,53,817 मत (63.89 फीसदी) मिले। उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की है।
दूसरे नंबर पर रहे बसपा के शब्बीर अब्बास को 41,447 (17.29 फीसदी) मत मिले। तीसरे नंबर समाजवादी पार्टी के ज्ञानेंद्र गौतम रहे। उनको कुल 34,403 (14.29 फीसदी) मत मिले हैं। जबकि कांग्रेस के विनोद बंसल ने चौथे स्थान पर रहते हुए महज 5933 (2.46 फीसदी) मत प्राप्त किए हैं।
37 वर्षों से आगरा उत्तर में खिल रहा कमल
आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर 37 वर्षों से कमल खिल रहा है। भाजपा को इस सीट पर लगातार 12 वें चुनाव में जीत मिली है। इस सीट से पहली बार वर्ष 1985 में सत्यप्रकाश विकल ने जीत का परचम लहराया था। वह लगातार पांच चुनाव जीते। इसके बाद 1998 में जगन प्रसाद गर्ग उप चुनाव जीते। वह भी इस सीट से पांच बार चुनाव जीते। वर्ष 2019 में उप चुनाव में पुरुषोत्तम खंडेलवाल को जीत मिली। अब वर्ष 2022 के चुनाव में मतदाताओं ने फिर उनमें विश्वास जताया है।
11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त
आगरा उत्तर सीट से चुनाव लड़ने वाले 13 में से 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इनमें समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ज्ञानेंद्र गौतम, कांग्रेस के प्रत्याशी विनोद बंसल, आम आदमी पार्टी के कपिल वाजपेयी, आदर्श समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजपूत, भारतीय मजदूर जनता पार्टी के नील, जन अभियान पार्टी के मोहित अग्रवाल, समान अधिकार पार्टी के राजीव अग्रवाल, निर्दलीय प्रत्याशी निरंजन सिंह, मनीष, विनीत अग्रवाल, शशांक अग्रवाल शामिल हैं।
पोस्टल मत में भी जीते पुरुषोत्तम
पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने पहले चरण से बढ़त बना ली और आखिरी चरण तक पहले स्थान पर काबिज रहे। चरण बढ़ने के साथ वह आगे ही निकलते गए। पोस्टल में भी वह जीते। 1164 पोस्टल मत में से सर्वाधिक 652 मत उन्हें मिले। समाजवादी पार्टी के ज्ञानेंद्र गौतम यहां दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें 298 पोस्टल मत मिले। बसपा के शब्बीर अब्बास को 166 और कांग्रेस के विनोद बंसल को 23 पोस्टल मत मिले।
इसलिए जीते: 'जनता के कसौटी पर हम खरे उतर रहे'
भाजपा प्रत्याशी पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बताया कि जनता की कसौटी पर खरे उतर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं के बयानों से जनता परेशान थी, इसलिए भी उसने भाजपा का रुख किया है। पार्टी सबका साथ, सबका विकास पर जोर देती है। इसी भावना के साथ आगे भी काम किया जाएगा। भाजपा की टीम लोगों के सुख और दुख में शामिल होगी। संगठन समाज के लिए काम करता है। सेवाएं निरंतर रूप से जारी रहेंगी।
क्यों हारे: 'चुनाव पूरी तरह से प्रायोजित रहा'
बसपा प्रत्याशी शब्बीर अब्बास ने कहा कि यह चुनाव पूरी तरह से प्रायोजित रहा। ईवीएम में सील नहीं थी या सील टूटी मिलीं। इससे करीब 20 फीसदी तक मतदान प्रभावित रहा है। चुनाव में निष्पक्षता का अभाव रहा। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।