अधिकारी साधे रहे चुप्पी
सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान श्री पारस अस्पताल मामले में सवालों की बौछार पर डिप्टी सीएम कुछ मिनटों के लिए असहज हो गए। उनके साथ बैठे सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि भी बगले झांकने लगे। प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
अंतिम जांच कब तक पूरी होगी। किन बिंदुओं पर होगी, इन सवालों पर डिप्टी सीएम ने तीन बार डीएम से कहा-आप मीडिया को जवाब दीजिए। परंतु डीएम कुछ नहीं बोले। उन्होंने जिलाधिकारी की तरफ इशारा करते हुए कहा, आगे की जांच के बारे में जिला प्रशासन ही बताएगा।
22 मौतों का आरोप 16 की पुष्टि
26 अप्रैल के मॉकड्रिल कांड में श्री पारस अस्पताल में 22 मरीजों की मौत का आरोप है। डेथ ऑडिट में 16 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। जांच में प्रशासन ने किसी भी मरीज की मृत्यु ऑक्सीजन की कमी से नहीं मानी है। जबकि उन दिनों शहर में ऑक्सीजन का विकराल संकट था।
वीडियो में डॉ. अरिंजय ने मोदी नगर ड्राई होने और मुख्यमंत्री ऑक्सीजन नहीं मंगा सकते... बात कहते हुए ऑक्सीजन बंद कर मॉकड्रिल की बात कबूली थी। जिसके बाद सूबे से लेकर देशभर में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री ने डीएम से जांच कराई। 18 जून को जांच रिपोर्ट पेश करने के बाद से प्रशासन पर अस्पताल संचालक को क्लीनचिट देने के आरोप लग रहे हैं।