फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यशवंत, शत्रुघ्न सिन्हा जिस पार्टी के मंच पर जाते हैं, वो हार जाती है: दिनेश शर्मा

Sun, 14 Oct 2018 08:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सपा के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बड़ा निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि ये दोनों जिस मंच पर जाते हैं वो हार जाता है। वहीं उपमुख्यमंत्री ने भाजपा की शिवपाल सिंह यादव से नजदीकियों की चर्चाओं को नकार दिया है।
विज्ञापन


आगरा में शनिवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. दिनेश शर्मा ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संयोजक शिवपाल सिंह यादव को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का बंगला आवंटित किए जाने पर कहा कि इसमें नजदीकियों और दूरियों का कोई प्रश्न नहीं है। 

उन्होंने कहा कि पूर्व में ऐसा होता रहा है। किसी राजनीतिक दल के अध्यक्ष या पूर्व वरिष्ठ मंत्रियों को सरकारी बंगले आवंटित किए जाते रहे हैं। शिवपाल सिंह के अलावा वर्तमान में भी विपक्ष के कई ऐसे वरिष्ठ नेता हैं, जिनको सरकार की ओर से नियमों के तहत यह सुविधा दी हुई हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

एएमयू मुद्दे पर ये कहा

मुठभेड़ में मारे गए आतंकी मुन्नान वानी को एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) के कुछ छात्रों ने शहीद घोषित कर नमाज-ए-जनाजा पढ़ने की कोशिश करने के प्रश्न पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भारत में रहने के बाद भी विदेशी मानसिकता बनाए हुए हैं, उनको कुछ राजनीतिक दल संरक्षण देते हैं। उनके बारे में सरकार का जीरो टोलरेंस है।

उन्होंने कहा कि पहले कश्मीर के आतंकवादी पूरे देश में आतंक मचाते थे। एनडीए की सरकार में सबसे बड़ी सफलता यही है कि अब आतंकवादी कश्मीर से बाहर नहीं निकल पा रहे। वो घबरा गए हैं। कुछ लोग राजनीति का चोला ओढ़कर उन्हें संरक्षण देते हैं, उन्हें बाज आना चाहिए। नहीं तो देश के किसी भी कोने में राष्ट्र विरोधी घटना होगी तो सरकार कठोर कार्रवाई करेगी। 

अयोध्या में राममंदिर निर्माण पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अपने संकल्प पत्र पर अडिग है। आपसी सहमति या कोर्ट के फैसले के आधार पर राममंदिर का निर्माण करने की घोषणा पर कायम है। वहीं, विद्यालयों में रामलीला के मंचन पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम आदर्श के रूप में नैतिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाते रहे हैं। इसलिए जो विद्यालय इस पर अमल करना चाहता है वो स्वतंत्र है। इसको लेकर बाध्यता नहीं है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें