उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों की मान्यता और शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरे वर्ष नहीं चलेगी। एक निश्चित समय तय किया जाएगा। स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए साफ्टवेयर बनाया गया है। उसमें कुछ बिंदुओं को भरना होगा। पति-पत्नी दोनों शिक्षक हैं।
दोनों में कोई परिषदीय शिक्षक है तो उसे भी ट्रांसफर की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इस संबंध में जल्द आदेश जारी होगा। ट्रांसफर के संबंध में ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि प्रधानाचार्य अड़ंगा नहीं डाल सकेंगे। कोई अड़ंगा डालेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाएगा
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा के अंतर्गत महाविद्यालयों व माध्यमिक शिक्षा के तहत विद्यालयों में शिक्षकों के सभी रिक्त पदों को भरा जाएगा। दो माह में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट में शिक्षक अपीलीय प्राधिकरण का प्रस्ताव लाया जाएगा। शिक्षक कोर्ट की जगह प्राधिकरण में अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे। तय समय में प्राधिकरण शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण करेगा।
पूरा कोर्स पढ़ाएं, नकल विहीन परीक्षा कराएं
उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों से आग्रह किया कि कोर्स का एक-एक पन्ना पढ़ाया जाए। नकल विहीन परीक्षा कराई जाए। अध्यापकों के कारण ही नकल रुकी है। परीक्षा केंद्र निर्धारण के संबंध में उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कुछ गलत विद्यालय इस वर्ष भी परीक्षा केंद्र बन गए हों, इनको काली सूची में डाला जा रहा है। गलत करने वाले अधिकारी भी बदले जाएंगे।
बोर्ड परीक्षा के केंद्रों का निर्धारण संपन्न
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के केंद्रों का निर्धारण हो चुका है। इस संबंध में जो भी शिकायत होंगी, उनका निस्तारण जिलाधिकारी के माध्यम से होगा। हाईस्कूल की परीक्षा 16 कार्यदिवस में और इंटरमीडिएट की परीक्षा 14 कार्य दिवस में होंगी। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों का लगभग 93 फीसदी भुगतान हो चुका है।