कोर्ट ने दिया यह आदेश
कोर्ट ने बहस सुनने के बाद जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। इसके बाद आदेश में उल्लेख किया कि आरोपी नेताओं की ओर से किसी भी कोरोना योद्धा और स्वास्थ्य कर्मी के साथ कोई दुर्व्यवहार किए जाने का एफआईआर में नहीं दर्शाया गया है। मामला पांच वर्ष तक के कारावास से दंडनीय है।
कोर्ट ने आदेश किया कि तीनों नेताओं को 25-25 हजार के दो-दो जमानती और इतनी ही राशि के निजी मुचलकों को जमा करने और अंडर टेकिंग देने पर जमानत दी जाती है। नियत तिथि पर स्वयं अथवा अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में हाजिर रहेंगे। इस पर तीनों को रिहा कर दिया गया।
थाना फतेहपुर सीकरी में यह मुकदमा दर्ज हुआ था। तीनों नेताओं को अंतरिम जमानत मिली थी। पांच जनवरी को अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने पर पूर्व एमएलसी विवेक बंसल और पूर्व विधायक प्रदीप माथुर कोर्ट में हाजिर हुए थे, जबकि प्रदेश अध्यक्ष के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर गैर जमानती वारंट जारी हो गए थे।
‘न दबे हैं, न दबेंगे, न झुके हैं और न झुकेंगे: लल्लू’
न्यायालय से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी। न दबे हैं, दबेंगे, न झुके हैं और न झुकेंगे। लल्लू ने बताया कि वह लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए एक हजार बसों को लेकर राजस्थान बॉर्डर पर पहुंचे थे।
प्रदेश सरकार ने हमारी गिरफ्तारी करवाई। एक माह तक जेल में रहे, लेकिन न्याय पालिका पर हमें भरोसा है। इसी मामले में न्यायालय के समक्ष पेश हुए थे। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती का काम चल रहा है। कांग्रेस देश और प्रदेश से भाजपा की सरकारों को उखाड़ फेंकने के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी।
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