आगरा में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए एक ऐसे विद्यालय को भी केंद्र बनाया गया है, जिसमें चहारदीवारी तक नहीं है। मोतीगंज स्थित विद्यालय 500 साल पुराना है। नाम है कन्हीराम बाबूराम हायर सेकेंडरी स्कूल। मुगलों के दौर में इसमें दारा शिकोह की लाइब्रेरी थी। इसकी खिड़कियां आसपास के घरों की ओर खुलती है। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने डीआईओएस को पत्र लिखकर कहा है कि विद्यालय की स्थिति परीक्षा कराने लायक नहीं है। यहां कैमरे भी नहीं लगे हैं।
विद्यालय को 820 परीक्षार्थियों का केंद्र बनाया गया है। भवन के चारों ओर खाद्य मंडी की खुली छतें हैं। प्रधानाचार्य डॉ. रचना शर्मा का कहना है कि उनका विद्यालय परीक्षा केंद्र के मानक पूरे नहीं करता है। यहां संसाधन कम हैं। इसे परीक्षा केंद्र बनाया जाना ठीक नहीं है। वह आपत्ति दर्ज करा चुकी हैं। बंदरों का भी आतंक है। प्रधानाचार्य परिषद के जिलामंत्री डॉ. राम औतार ने बताया कि समस्या से जिला विद्यालय निरीक्षक को अवगत करा दिया गया है।
डाटा के आधार पर बनाए गए केंद्र
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि विद्यालयों की ओर से भरे गए डाटा के आधार पर परीक्षा का केंद्र निर्धारण बोर्ड स्तर से किया गया है। जो एडेड विद्यालय केंद्र बनाए गए हैं, उनको हटाया नहीं गया है। केंद्रों पर जो भी छोटी-मोटी कमियां हैं, उनको दूर कराया जाएगा। जो विद्यालय केंद्र नहीं बना, उससे डाटा भरने में कोई गलती हुई होगी।