उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इनकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बोर्ड परीक्षा निकलविहीन कराने के लिए मथुरा जिले में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
इस बार जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 113 केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 79 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों को चिह्नित करते हुए यहां स्टेटिक मजिस्ट्रेट का निर्धारण कर दिया गया है।
जिले को नौ जोन और 20 सेक्टरों में विभाजित कर दिया गया है। 90 मजिस्ट्रेट व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रभारी डीआईओएस ने मंगलवार को सभी केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक करते हुए तैयारियों की समीक्षा की।
तीन हजार से ज्यादा कक्ष निरीक्षक बनाए गए
प्रभारी डीआईओएस रनवीर सिंह ने केंद्र व्यवस्थापकों को बोर्ड से आए दिशा-निर्देशों से अवगत कराते हुए नकलविहीन परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए, जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापकों की होगी। खुद मुख्यमंत्री आठ फरवरी को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। तीन हजार से ज्यादा कक्ष निरीक्षक बनाए गए हैं।
निगरानी कक्ष स्थापित, ट्रायल सफल
यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए सीसीटीवी कैमरा युक्त निगरानी कक्ष राजकीय इंटर कॉलेज में स्थापित कर दिए गए हैं। इसे सभी 113 केंद्रों से जोड़ते हुए ट्रायल भी हो चुका है। महावन, गोकुल, ओल सहित एक दर्जन केंद्रों के सभी कक्षा कक्षों को यहां बैठकर देखा जा चुका है। इसके प्रभारी डिप्टी कलक्टर सुरेंद्र यादव को बनाया गया है।
आंकड़ों की नजर में
परीक्षा केंद्रों की संख्या- 113
अतिसंवेदनशील केंद्र- 05
संवेदनशील केंद्र- 56
सेक्टर व्यवस्था
सेक्टर- 20
सुपर जोन- 03
जोन- 06
परीक्षा समय
प्रथम पाली- सुबह 8:00 से 11:15 बजे तक
द्वितीय पाली- दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक