हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए यूपी बोर्ड ने चालू सत्र में 64 प्रधानाचार्य/केंद्रव्यवस्थापकों की सूची जारी की है। इनकी ड्यूटी केंद्र व्यवस्थापक के रूप में नहीं लगाई जाएगी। मूल्यांकन कार्य से भी इनको वंचित रखा जाएगा। काली सूची में शामिल 64 में से 53 उन विद्यालयों के प्रधानाचार्य हैं जिन्होंने वर्ष 2011 में छात्रों का पंजीकरण कराए बिना बोर्ड परीक्षा का आवेदन फार्म भर दिया था। इनको पिछले पांच वर्षों से बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी से दूर रखा जा रहा है। बाकी 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को वर्ष 2014 की परीक्षा के बाद काली सूची में शामिल किया था। वर्ष 2015 में कई परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल पकड़ी गई, मजिस्ट्रेटों और उड़नदस्तों ने बोर्ड को रिपोर्ट भी भेजी, लेकिन किसी विद्यालय को काली सूची में शामिल नहीं किया गया। इससे केंद्र व्यवस्थापक भी सूची में शामिल होने से बच गए हैं।
ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए फिर दिया प्रशिक्षण
बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की उपस्थिति की आनलाइन रिपोर्ट भेजने के लिए शनिवार को भी केंद्र व्यवस्थापकों और प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रधानाचार्य डा. अनिल वशिष्ठ ने बैप्टिस्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में अटेंडेंस एप के बारे में जानकारी दी।