प्रदेश में 24 फरवरी से यूपी बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इसको लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। फरवरी में बोर्ड परीक्षा के लिए पेपर कड़ी सुरक्षा में संबंधित जिले को भेजे जाएंगे। इनकी डिलेवरी व रखरखाव कड़ी सुरक्षा के साथ ही 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में होगी। वहीं बोर्ड परीक्षा को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।
यूपी बोर्ड परीक्षाएं 24 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा से जुड़ी तैयारियों को समय से पूरा करने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि परीक्षा के दौरान पूरी अवधि में छुट्टियों समेत डीआईओएस मुख्यालय नहीं होंगेडे। कार्य योजना बनाकर जिले में प्रश्नपत्र पहुंचने से तीन दिन पहले ही कंट्रोल रूम की स्थापना करते हुए उसे सक्रिय करेंगे। यहां पर कर्मचारियों की पालीवार तैनाती की जाएगी और राजपत्रित अधिकारी अवश्य रहेंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने निर्देश दिया है कि जिलों में वाहनों के पहुंचने पर अनलोडिंग का काम सरकारी कर्मचारियों से कराया जाएगा। आने वाले वाहनों से अनलोडिंग के लिए उनके स्थान, नाम व पता न पूंछा जाए। जिला मुख्यालय व वितरण के बाद परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्रों के पहुंचने से पहले स्ट्रांग रूम बनाकर वहां सीसीटीवी कैमरे से 24 घंटे निगरानी की जाए। प्रश्न पत्र पहुंचने पर टीम बनाकर उसकी नियमित निगरानी की जाए।
सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, उप निदेशक व डीआईओएस को उन्होंने निर्देश दिया है कि जिला प्रशासन से वार्ता कर प्रश्नपत्र पहुंचने के बाद सशस्त्र पुलिस बल की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रश्नपत्र पहुंचने पर उसे पुलिस की सुरक्षा में ही रखवाया जाए और आगे नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। जहां पेपर के बॉक्स रखवाए जाएं, वहां कमरे में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की पूर्व में ही जांच कर ली जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना को हर हाल में समाप्त किया जाए।