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सर्जिकल स्ट्राइक से भाजपा का यूपी फतह का सपना

Fri, 07 Oct 2016 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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विधान सभा चुनाव में स्टार प्रचारक हो सकते हैं मनोहर परिकर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पीओके में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भाजपाइयों ने 56 इंच का सीना है, सिर उठाकर जीना है, नारा लगाना यों ही शुरू नहीं किया। बाकायदा प्लान तैयार हो चुका है सेना के इस पराक्रम से यूपी के विधान सभा चुनाव में वोट बंटोरने का। इसकी शुरुआत रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के गुरुवार को आगरा में हुए सम्मान समारोह से की गई। भाजपा थिंक टैंक उन्हें स्टार प्रचारक बनाने की सोच रहा है। भाजपा नेताओं ने अभी से कहना शुरू कर दिया है कि परिकर का यूपी से गहरा नाता है। यहीं से सांसद हैं। कानपुर में पढ़ाई की है। परिकर भी यही कह रहे हैं।
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इतना ही नहीं। सर्जिकल स्ट्राइक पर गीतों की सीडी भी तैयार हो गई है। ताजनगरी में इसे परिकर के आने से ऐन पहले बजाया गया। बोल थे, जय जगदंबे मां हमको ऐसा वरदान दो, कश्मीर के साथ साथ पूरा पाकिस्तान दो। मंच का रंग ढंग भी बता रहा था कि  सेना के शौर्य को भाजपा चुनाव में भुनाने की तैयारी में है।
इसी मकसद से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य साथ में आए। उन्होंने अपने भाषण में सपा और बसपा को जी भरकर कोसा। साथ ही चुनाव में जीत का मंत्र भी  बताया। जैसे लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी के 56 इंच के सीने का भाजपाइयों ने हल्ला मचाया था, वैसे ही मिशन 2017 में तैयारी चल रही है। भाजपा नेता साबित करने में लगे हैं कि पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक का जो निर्णय पीएम नरेंद्र मोदी ने लिया, वैसा यूपीए के शासनकाल में संभव नहीं था। मंच से मोदी और मनमोहन सरकार के गृह मंत्री, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री की तुलना भी की गई।  
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आगरा के बाद गुरुवार को ही परिकर का लखनऊ में सम्मान समारोह आयोजित किया। इसकी प्लानिंग भी जबरदस्त तरीके से की गई है। इसमें समाज के हर तबके से लोग बुलाए जा रहे हैं, ताकि संदेश दूर तक जाए। आगरा में जूता कारोबारी, वकील, महिलाएं, सामाजिक संगठन, व्यापार मंडल, पूर्व सैनिक, शहीदों की वीर नारियां समेत तमाम लोग बुलाए गए थे। जल्द ही प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में इस तरह के आयोजन किए  जाएंगे।
जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी में कहीं रैली करते समय यह कहना नहीं भूलते कि यूपी से सांसद हूं, वैसे ही परिकर ने भी यह बताना शुरू कर दिया है। वह यूपी के राज्यसभा के सदस्य हैं। साथ ही हिंदी अच्छी न होने के लिए माफी भी मांग लेते हैं। वह सेना की कामयाबी का श्रेय प्रधानमंत्री को देते हैं।

रक्षा मंत्री ने सैन्य अधिकारियों से लंबी बातचीत की
आगरा। रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने खेरिया एयरफोर्स स्टेशन पर सैन्य अधिकारियों से लंबी मुलाकात की। माना जा रहा है कि उन्होंने सीमा पर चल रहे ताजा हालात के मद्देनजर तमाम जानकारी की हैं। उन्होंने एयरफोर्स स्टेशन का मुआयना भी किया। सूत्रों ने बताया कि सैन्य अधिकारियों ने उन्होंने यहां के गौरवशाली इतिहास के बारे में भी बताया। साथ ही पैराट्रूपिंग की जानकारी दी। यहां देश के सर्वश्रेष्ठ पैराट्रूपर तैयार किया जाते हैं।

इन संस्थाओं ने किया रक्षा मंत्री का सम्मान 
आगरा। जीआईसी मैदान से रक्षा मंत्री का सम्मान करने वालों में भारतीय जनता पार्टी के अलावा शहर की संस्थाएं भी शामिल रहीं। इनमें मुख्य रूप से लहू अभियान की वैशाली निगम, अधिवक्ता परिषद के अशोक कुलश्रेष्ठ, राजेश कुलश्रेष्ठ, मधु शर्मा, आगरा प्रोग्रेसिव स्कूल यूनियन के संजय तोमर, राजू डैनियल, हैल्प आगरा, भारत विकास परिषद, नेशनल चैंबर, लघु उद्योग भारती, सिंधी सेंट्रल पंचायत, आगरा शू फैक्टर एसोसिएशन, सर्राफा एसोसिएशन, फुटवियर एसोसिएशन, शू निर्यातक पूरन डाबर, होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन, क्रेडाई, सदर बाजार एसोसिएशन, श्रीनाथ जी नि:शुल्क जल सेवा, एलपीजी एसोसिएशन, पूर्व सैनिकों की ओर से वीर बहादुर ने स्वागत किया। 

शहीदों के परिवारों को दी आर्थिक मदद
आगरा। जीआईसी मैदान से न केवल रक्षा मंत्री अभिनंदन हुआ बल्कि उड़ी हमले में शहीद हुए वीर सैनिकों को आर्थिक मदद भी दी गई। विजय तोमर ने 18 शहीदों के परिजनों के लिए एक-एक लाख रुपये के चेक रक्षा मंत्र को सौंपे। राधा रानी ने दो लाख रुपये की आर्थिक मदद सैनिक कल्याण निधि में दी। 

किरावली में सेना भर्ती सेंटर खोलने की मांग
आगरा। भाजपा नेता राजकुमार चाहर ने रक्षा मंत्री से किरावली तहसील में सेना की खुली भर्ती के लिए सेंटर खोलने की मांग की। उन्होंने ज्ञापन दिया। रक्षा मंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया। हेमेंद्र शर्मा के नेतृत्व में खेरिया मोड़ पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। महेश शर्मा, नागेंद्र चाहर, विनय अग्रवाल, सरदारा सिंह आदि मौजूद रहे। 

सपा छोड़ भाजपा का दामन थामा
आगरा। वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव आशुतोष वार्ष्णेय ने बुधवार को जीआईसी मैदान में आयोजित रक्षा मंत्री के सम्मान समारोह में समाजवादी पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देकर समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ देवेंद्र चौधरी, सुनील चौधरी, राजदेव चौधरी आदि थे। 


कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में बीएल वर्मा, भवानी सिंह, नवीन जैन, श्याम भदौरिया, विधायक जगन गर्ग, रविकांत गर्ग, असफाक सैफी, जितेंद्र फौजदार, उदयभान सिंह, भानु महाजन, रामेश्वर सिंह, हेमंत भोजवानी, विनय पाटनी, संध्या जोशी, बबिता चौहान, निर्मला दीक्षित, दीपक खरे, अशोक राना, प्रमेंद्र जैन, प्रभारी दिनेश अगरिया, बाबी वर्मा, शरद चौहान, सुमित उपाध्याय, केके भारद्वाज, राजकुमार पथिक, सुनील कर्मचंदानी रहे।

नाराज हो गए रक्षा मंत्री
आमतौर सीधे साधे, सादगीपूर्ण और हमेशा मुस्कराते रहने वाले रक्षा मंत्री मनोहर परिकर उस समय नाराज हो गए जब स्वागत का सिलसिला लंबा खिंच गया। रक्षामंत्री 1.14 बजे मंच पर आए और करीब आधे घंटे से अधिक देर तक उनका सम्मान कार्यक्रम चलता रहा। उन्हें लखनऊ जाना था इसलिए कार्यक्रम संक्षिप्त करने को कहा था लेकिन संचालक नहीं माने। इस पर वे नाराज हो गए। 

परिकर से हो गए पारकर 
जीआईसी मैदान के मंच से नेताओं से जुबान कई बार फिसली। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डा. रामबाबू हरित मनोहर परिकर को बार-बार मनोहर पारकर बोलते रहे तो सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की संख्या हर वक्ता के साथ बदलती रही। 

रक्षा मंत्री की सुरक्षा और कड़ी की गई
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर की सुरक्षा पहले से ही कड़ी है। लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद इस पर और ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस को हिदायत है कि सुरक्षा के मानकों में किसी तरह की ढील न दी जाए। इसका असर आगरा में हुए उनके सम्मान समारोह में नजर आया। पुलिस ने भाजपा नेताओं को भी पूरी जानकारी करके मंच पर जाने दिया। मंच के सामने बने सुरक्षा घेरा (डी) के अंदर तो दूर आस पास भी किसी को फटकने नहीं दिया गया। दो लोग गलती से नजदीक पहुंच गए थे, उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने सख्ती से दूर किया। रक्षा मंत्री के साथ दिल्ली से भी कमांडो आए थे। सम्मान समारोह स्थल पर जाने के लिए एक ही गेट बनाया गया। इसमें भी मेटल डिटेक्टर मशीन लगवाई गई। मंच के आस पास भाजपा नेताओं के वाहन भी खड़े नहीं होने दिए गए। आम तौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों में इतनी सख्ती नहीं की जाती है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रक्षा मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई तो नहीं गई है लेकिन चौकसी पहले से ज्यादा बरती जा रही है।
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